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  • अर्जुन रामपाल बने तीसरी बार पिता, गर्लफ्रेंड गैब्रिएला ने दिया बेटे को जन्म

    अर्जुन रामपाल बने तीसरी बार पिता, गर्लफ्रेंड गैब्रिएला ने दिया बेटे को जन्म

     

    अर्जुन रामपाल तीसरी बार पिता बन गए हैं। उनकी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला ने मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में बेटे को जन्म दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैब्रिएला की सिजेरियन डिलीवरी हुई है। उन्हें बुधवार को अस्पताल में भर्ती किया गया था। अर्जुन और गैब्रिएला के पेरेंट्स को भी अस्पताल जाते हुए देखा गया था। गैब्रिएला के पेरेंट्स खास तौर से इस मौके के लिए साउथ अफ्रीका से मुंबई आए हैं।

    अर्जुन और गैब्रियला के पेरेंट्स बनने की खबर जेपी दत्ता की बेटी निधि दत्ता ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है। उन्होंने लिखा-बच्चे के आगमन पर बधाई अर्जुन रामपाल। ईश्वर आपको सुखी रखे। कुछ वक्त पहले ही अर्जुन ने साउथ अफ्रीकी मॉडल गर्लफ्रेंड गैब्रिएला के साथ अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था और फिर अप्रैल में उन्होंने गैब्रिएला की प्रेग्नेंसी इंस्टाग्राम पर अनाउंस की थी। उन्होंने गर्लफ्रेंड के साथ एक फोटो शेयर की थी। इस फोटो में गैब्रिएला का बेबी बंप साफ नजर आ रहा था। फोटो के कैप्शन में अर्जुन ने लिखा था- 'थैंक्यू बेबी फॉर दिस बेबी।

    अर्जुन ने पत्नी मेहर जेसिया से पिछले साल मई में तलाक लिया था। मेहर से शादी के 20 साल बाद उन्होंने तलाक लिया। उनकी और मेहर की 2 बेटियां हैं। तलाक के कुछ दिन बाद ही वो गैब्रिएला को डेट करने लगे थे। फिलहाल अर्जुन और गैब्रिएला ने शादी को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है।

     

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  • मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद का भतीजा रिजवान गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद का भतीजा रिजवान गिरफ्तार

     

    अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ जांच करते हुए मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) ने दाऊद इब्राहिम के भतीजे रिजवान को गिरफ्तार किया है। रिजवान अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई इकबाल कासकर का बेटा है।

    इकबाल कासकर पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। बता दें कि रिजवान को उस समय मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है, जब बुधवार रात वह देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था। बता दें कि हाल ही में दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के खिलाफ जांच करते हुए मुंबई पुलिस ने अफरोज वडारिया उर्फ अहमद रजा को गिरफ्तार किया था।

    मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक वडारिया के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने बताया था कि वह छोटा शकील का करीबी सहयोगी था और दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील की सलाह पर हवाला लेनदेन का काम करता था।

     

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  • BSP प्रमुख मायावती के भाई पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 400 करोड़ की संपत्ति जब्त

    BSP प्रमुख मायावती के भाई पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 400 करोड़ की संपत्ति जब्त

     

    आयकर विभाग ने बसपा प्रमुख मायावती के भाई और भाभी का नोएडा स्थित 400 करोड़ रुपए कीमत के बेनामी प्लाट को जब्त किया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार आनंद कुमार और उनकी पत्नी विचित्र लता के लाभकारी मालिकाना हक वाले सात एकड़ के भूखंड को जब्त करने का अस्थाई आदेश विभाग की दिल्ली स्थित बेनामी निषेध इकाई ने 16 जुलाई को जारी किया था। मायावती ने हाल ही में कुमार को बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है।

    आदेश की प्रति के अनुसार बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम 1988 की धारा 24(3) के तहत आदेश जारी किया गया। जब्त की गई सम्पत्ति की कीमत 400 करोड़ रुपए है। कानून के अनुसार बेनामी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले को 7 साल कठोर कारावास और बेनामी सम्पत्ति के बाजार में कीमत का 25 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर भी देना पड़ सकता है।

    मोदी सरकार द्वारा 2016 में निष्क्रिय पड़े कानून को लागू करने के बाद विभाग ने एक नवंबर, 2016 से नए बेनामी लेनदेन संशोधन अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की थी। आयकर विभाग देश में बेनामी अधिनियम को लागू करने वाला नोडल विभाग है।

    बता दें, लोकसभा चुनाव के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर कई बड़ी घोषणाएं की थी। मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को बसपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था, वहीं भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कॉर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी थी।

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  • दिल्ली CM केजरीवाल का दिल्लीवासियों को तोहफा, कच्ची बस्तियां होगी वैध

    दिल्ली CM केजरीवाल का दिल्लीवासियों को तोहफा, कच्ची बस्तियां होगी वैध

     

    दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्लीवासियों को बड़ा तोहफा दिया है। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अब दिल्ली की कच्ची बस्तियां वैध हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए जल्द रजिस्ट्री खुल जाएगी, उनका मालिकाना हक का सपना पूरा होने वाला है। इससे पहले हमेशा उनके साथ धोखा होता रहा, चुनाव के वक्त वादे होते थे बाद में सब भूल जाते थे।

    केजरीवाल ने कहा कि जैसे ही हमारी सरकार बनी हमने इस पर काम शुरू कर दिया। 2 नवंबर 2015 को हमने कैबिनेट प्रस्ताव पास किया था और केंद्र सरकार को भेज दिया। बुधवार शाम को केंद्र से सकारात्मक जवाब आया है। केंद्र सरकार को शुक्रिया और बधाई. केंद्र ने कुछ सवाल पूछे हैं। मैंने अधिकारियों को कहा है तीन-चार दिन में केंद्र सरकार को संतोषजनक जवाब दें।

    सीएम केजरीवाल ने साथ साथ ही कहा कि हमने पहले ही इन कॉलोनियों में पानी की पाइपलाइन, गलियां, सीवर, नालियां बनवाई। 3500 करोड़ सड़क और नालियों पर और 2500 करोड़ पानी और सीवर डालने पर इन कॉलोनियों में अब तक हमारी सरकार ने खर्च किया है। 1 जनवरी 2015 तक की बनी 1797 कॉलोनियां को इससे फायदा होगा।

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  • हरियाणा में बारिश के बाद रोहतक में सबसे स्वच्छ हवा तो नारनौल में प्रदूषण बरकरार

    हरियाणा में बारिश के बाद रोहतक में सबसे स्वच्छ हवा तो नारनौल में प्रदूषण बरकरार

     

    मानसून की बारिश से जहां मौसम सुहाना हो गया है। वहीं इससे हवा में मौजूद धूल के कण भी नष्ट हो गए हैं। देश के 90 शहरों में एलोर और उसके बाद दूसरे नंबर पर रोहतक में हवा सबसे ज्यादा स्वच्छ है। बुधवार रात आठ बजे सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक रोहतक में वायु गुणवत्ता सूचकांक 33 दर्ज किया गया।

    वहीं कोच्चि के एलोर की एक्यूआई 27 दर्ज की गई। एक सप्ताह पहले सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने हरियाणा के कई जिलों में एक्यूआई के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से रेड एलर्ट घोषित किया था। सिरसा में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण था। यहां की एक्यूआई 400 के पार दर्ज की गई थी। बुधवार को यहां की एक्यूआई 64 रही। इसके अलावा हरियाणा के फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र में भी हवा स्वच्छ है। यहां का एक्यूआई भी 50 से कम दर्ज किया गया।

    हरियाणा के 22 जिलों में नारनौल में अभी भी हवा में प्रदूषण बरकरार है। बुधवार को यहां का 101 एक्यूआई रहा। इसके अलावा अन्य शहरों का एक्यूआई 100 से कम दर्ज किया गया। रोहतक में भी चार दिन पहले 13 जुलाई तक वायु में धूल के कण मौजूद होने से आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ा था। इस दिन एक्यूआई 270 पार था।

    वहीं तीन से बारिश होने से वायु प्रदूषण निम्न स्तर पर पहुंच गया था। देश के 90 शहरों में दूसरे नंबर पर स्वच्छ हवा यहीं की है। यहां का एक्यूआई 33 दर्ज किया गया है। रोहतक में पिछले चार दिनों में 50 एमएम से ज्यादा बारिश हुई है। मंगलवार रात आठ बजे बुधवार रात आठ बजे तक 45.8 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे भी लोगों को काफी राहत मिली है।

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  • अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, मामले की अगली सुनवाई 2 अगस्त को रिपोर्ट पढ़ने के बाद

    अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, मामले की अगली सुनवाई 2 अगस्त को रिपोर्ट पढ़ने के बाद

     

    अयोध्या विवाद में मध्यस्थता कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट का ब्योरा गोपनीय रहेगा। अब इस मामले की सुनवाई 2 अगस्त को रिपोर्ट पढ़ने के बाद होगी। सीजेआई ने कहा, मध्यस्थता अभी चलती रहेगी। एससी ने कहा है कि मध्यस्थता के नतीजे 31 जुलाई तक दें। बता दें कि सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने 11 जुलाई को इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी थी और कहा था कि अगर अदालत मध्यस्थता कार्यवाही पूरी करने का फैसला करती है तो 25 जुलाई से रोजाना आधार पर सुनवाई शुरू हो सकती है।

    पीठ ने तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति के अध्यक्ष और शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला से अब तक हुई प्रगति और मौजूदा स्थिति के बारे में 18 जुलाई तक उसे अवगत कराने को कहा था। पीठ ने 11 जुलाई को कहा था, कथित रिपोर्ट 18 जुलाई को प्राप्त करना सुविधाजनक होगा जिस दिन यह अदालत आगे के आदेश जारी करेगी। पीठ में न्यायमूर्ति एस एस बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं।

    पीठ ने मूल वादियों में शामिल गोपाल सिंह विशारद के एक कानूनी उत्तराधिकारी द्वारा दाखिल आवेदन पर सुनवाई करते हुए आदेश जारी किया था। आवेदन में विवाद पर न्यायिक फैसले की और मध्यस्थता प्रक्रिया समाप्त करने की मांग की गयी थी। आरोप लगाया गया था कि इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं हो रहा। पीठ ने कहा था कि अदालत मध्यस्थता समिति द्वारा दाखिल रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद 18 जुलाई को उचित आदेश जारी करेगी। समिति में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पांचू भी शामिल हैं।

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  • IAS अशोक खेमका की ACR मामले में हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

    IAS अशोक खेमका की ACR मामले में हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

     

    सीनियर IAS अधिकारी अशोक खेमका की ACR की लड़ाई को लेकर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। सरकार ने इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से खेमका के पक्ष में मार्च में दिए गए फैसले के खिलाफ अपील की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस समेत तीन जजों की बेंच ने खेमका को नोटिस जारी जवाब मांगा है। इस मामले में सरकार की ओर से एसजी तुषार मेहता, एडिशनल एडवोकेट जनरल अरुण भारद्वाज, एडवोकेट आशी पांडे और एओआर विश्वपाल सिंह सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे।

    सीएम की ओर से अंक कम किए जाने व टिप्पणी के खिलाफ खेमका कैट पहुंचे। वहां उनकी याचिका खारिज कर दी गई। फिर उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि अप्रेजल से टिप्पणी को हटाया जाए। सरकार की ओर से दलील दी गई कि सीएम के पास यह पावर होती है कि वे अपने विवेक व अधिकार से अंक दे सकते हैं। वे सभी आईएएस का काम देखते हैं। इसलिए हाईकोर्ट की ओर से रिव्यू अथॉरिटी द्वारा दिए अंक और टिप्पणी को लागू कैसे किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि एसीआर मामले में हाईकोर्ट ने खेमका के पक्ष में फैसला दिया था। बाद में सरकार ने खेमका का खेल विभाग के प्रधान सचिव पद से साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में तबादला कर दिया था।

    1991 बैच के आईएएस अशोक खेमका ने 7 जून 2017 को साल 2016-17 के लिए अप्रेजल भरा था। इसमें उनके रिपोर्टिंग अथॉरिटी एवं तत्कालीन मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने 10 में से 8.22 अंक दिए। 27 जून को खेल मंत्री अनिल विज ने रिपोर्टिंग अथॉरिटी की ओर से दिए अंकों में बढ़ोतरी कर 10 में से 9.92 अंक दिए। साथ ही लिखा कि कैबिनेट मंत्री के रूप में 3 साल में 20 से ज्यादा आईएएस अफसरों के साथ काम किया, लेकिन कोई भी अधिकारी खेमका के करीब नहीं था। खेमका की योग्यता, सच्चाई और ईमानदारी का कोई सानी नहीं। लेकिन आखिर में फाइनल अथॉरिटी सीएम मनोहर लाल के पास अप्रेजल पहुंचा तो उन्होंने अंक घटाकर 9 कर दिए। साथ ही लिखा कि रिव्यू अथॉरिटी मंत्री की टिप्पणी में थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया गया है।

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  • 39 साल बाद कोर्ट ने आरोपी को माना वारदात के समय था नाबालिग, अब हुई रिहाई

    39 साल बाद कोर्ट ने आरोपी को माना वारदात के समय था नाबालिग, अब हुई रिहाई

     

     

    भारतीय न्‍याय व्‍यवस्‍था में एक आरोपी को न्‍याय मिलने में 39 साल का समय लग गया। 39 साल बाद कोर्ट ने माना है कि जिस समय हत्‍या की वारदात को अंजाम दिया गया, उस समय आरोपी की उम्र 17 साल 6 महीने थी। जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को नाबालिग करार देते हुए रिहा करने के आदेश जारी किए हैं।

    मामला बिहार के गया शहर से जुड़ा हुआ है। 1980 में यहां पर बनारस सिंह नामक आरोपी को एक होटल में हत्‍या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 8 साल चली सुनवाई के बाद 1988 में निचली अदालत ने बनारस सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। आरोपी बनारस सिंह ने अपने बचाव में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

    लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए उम्र कैद की सजा को कायम रखा। इसके बाद, आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, बचाव पक्ष के वकील यह साबित करने में कामयाब रहे कि वारदात के समय आरोपी बनारस सिंह की उम्र महज 17 साल 6 महीने थी। जिसके चलते, सुप्रीम कोर्ट ने बनारस सिंह को नाबालिग ठहराते हुए रिहाई के आदेश दिए हैं।

     

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  • 18 JULY के दिन की ऐतिहासिक घटनाएं

    18 JULY के दिन की ऐतिहासिक घटनाएं

     

    1737- बेंजा लुका में लड़ाई के दौरान तुर्की सेना ने आस्ट्रिया को पराजित किया।

    1857- बम्बई विश्वविद्यालय की स्थापना हुई।

    1918 – नोबेल पुरस्कार से सम्मानित दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का जन्म हुआ।

    1947- भारतीय स्वाधीनता अधिनियम को शाही स्वीकृति मिली।

    1951- जर्सी जो वालकाॅट सबसे अधिक उम्र में हैवीवेट चैंपियन बने।

    1994- ब्राजील ने चौथी बार विश्व कप फ़ुटबाल चैंपियनशिप जीती।

    2008- भारतीय मूल के सलमान रुश्दी ने प्रमोशन टूर के दौरान 57 मिनट में एक हज़ार पुस्तकों पर हस्ताक्षर करने का रिकार्ड बनाया।

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  • सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर आज हो सकती है सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर आज हो सकती है सुनवाई

     

    सुप्रीम कोर्ट राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में मध्यस्थता की प्रगति पर गुरुवार को एक रिपोर्ट का अध्ययन कर सकता है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान बेंच ने 11 जुलाई को इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर अदालत मध्यस्थता कार्यवाही पूरी करने का फैसला करती है तो 25 जुलाई से रोजाना आधार पर सुनवाई शुरू हो सकती है।

    बेंच ने तीन सदस्यों वाली मध्यस्थता समिति के अध्यक्ष और शीर्ष अदालत के पूर्व रिटायर्ड जज एफ एम आई कलीफुल्ला से अब तक हुई प्रगति और मौजूदा स्थिति के बारे में 18 जुलाई तक उसे जानकारी देने के लिए कहा था। बेंच ने 11 जुलाई को कहा था, कथित रिपोर्ट 18 जुलाई को प्राप्त करना आसान होगा जिस दिन यह अदालत आगे के आदेश जारी करेगी।

    आवेदन में विवाद पर न्यायिक फैसले की और मध्यस्थता प्रक्रिया समाप्त करने की मांग की गयी थी। आरोप लगाया गया था कि इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं हो रहा। बेंच ने कहा था कि अदालत मध्यस्थता समिति द्वारा दाखिल रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद 18 जुलाई को उचित आदेश जारी करेगी। समिति में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पांचू भी शामिल हैं।

    शीर्ष अदालत ने अयोध्या से लगभग 7 किमी दूर उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए जगह तय की थी, और कहा था कि मध्यस्थता स्थल से संबंधित, मध्यस्थों के ठहरने के स्थान, उनकी सुरक्षा और यात्रा सहित पर्याप्त व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा शीघ्र व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि कार्यवाही तुरंत शुरू हो सके। निर्मोही अखाड़ा और उत्तर प्रदेश सरकार को छोड़कर अन्य हिंदू संस्थाओं ने बेंच से कहा था कि वे मध्यस्थता के लिए अदालत के सुझाव के पक्ष में नहीं थे। मुस्लिम संस्थाओं ने प्रस्ताव का समर्थन किया था।

     

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  • भारत की पाक पर एक और बड़ी जीत, ICJ ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर लगाई रोक

    भारत की पाक पर एक और बड़ी जीत, ICJ ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर लगाई रोक

     

    बुधवार को हिंदुस्तान की एक और बड़ी जीत हुई और पाकिस्तान को एक और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान की इस हार के साथ कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लग गई। नीदरलैंड्स के द हेग में दुनिया की सबसे बड़ी अदालत ने कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान के झूठ को उजागर कर दिया। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के अध्यक्ष जज अब्दुलकावी अहमद यूसुफ के फैसले साथ ही पाकिस्तान का दोहरा रवैया एक बार फिर दुनिया के सामने आ गया। इंटरनेशनल कोर्ट के 16 में से 15 जजों ने फैसला भारत के पक्ष में दिया।

    फैसले में कहा गया कि कुलभूषण जाधव को बिना किसी देरी के उनके अधिकारों के बारे में नहीं बताकर पाकिस्तान ने विएना संधि के अनुच्छेद 36 का उल्लंघन किया है। अदालत ने कहा, पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस नहीं दिया, और इस तरह से पाकिस्तान ने विएना संधि के आर्टिकल 36 का उल्लंघन किया। पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव से मिलने, बात करने और न्यायिक प्रतिनिधित्व करने से भी रोका और ये भी विएना संधि का उल्लंघन है। अदालत ने ये आदेश दिया कि पाकिस्तान तुरंत प्रभाव से कुलभूषण जाधव को उनके अधिकारों के बारे में बताए और उन्हें कॉन्सुलर एक्सेस दे। अदालत ने ये भी कहा कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को दी गई फांसी की सजा पर जरूर पुनर्विचार करे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा, सच और न्याय की जीत हुई है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इसे भारत के लिए बड़ी जीत करार दिया। मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जाधव को न्याय मिलेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि उन्होंने जाधव के परिवार से बात की और उनके साहस की सराहना की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह ऐतिहासिक फैसला इस मामले में पूरी तरह भारत के रुख का समर्थन करता है। पाकिस्तान को तत्काल आईसीजे के निर्देश का पालन करना चाहिए।

     

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  • देश में एक-एक घुसपैठियों की कर रहे है पहचान, नहीं रहने देंगे देश में: अमित शाह

    देश में एक-एक घुसपैठियों की कर रहे है पहचान, नहीं रहने देंगे देश में: अमित शाह

     

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि देश की इंच-इंच जमीन पर जितने घुसपैठिए रह रहे हैं, हम उनकी पहचान कर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत देश से बाहर निकालेंगे। राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण (NRC) के मुद्दे पर सदन में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि NRC असम समझौते का हिस्सा है।

    दरअसल, राज्यसभा में सपा सांसद जावेद अली खान ने सरकार से पूछा कि क्या एनआरसी जैसा कोई और रजिस्टर लागू हो रहा है? अगर हो रहा है तो कौन से राज्य इसके दायरे में आएंगे। इसके जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि NRC असम समझौते का हिस्सा है और बीजेपी के मेनिफेस्टो में भी इसका जिक्र है। उन्होंने कहा कि देश की इंच-इंच जमीन पर रह रहे घुसपैठियों की पहचान कर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत देश से बाहर किया जाएगा।

    इससे पहले गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार असम में NRC लागू करने को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार यह भी तय करेगी कि एनआरसी की प्रक्रिया में भारत का कोई नागरिक न छूटे और किसी अवैध प्रवासी को इसमें जगह नहीं मिल सके। राय ने कहा कि NRC लागू करने को लेकर हमारी मंशा बिल्कुल साफ है।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और सरकार को पास 25 लाख से अधिक ऐसे आवेदन मिले हैं, जिनमें कहा गया कि कुछ भारतीय को यहां का नागिरक नहीं माना गया है। जबकि हकीकत यह है कि एनआरसी में ऐसे नागरिकों को भारतीय मान लिया गया है। राय ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि इन आवेदनों पर विचार करने के लिए सरकार को थोड़ा वक्त दिया जाए। राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, असम में NRC को 31 जुलाई 2019 तक प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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  • कर्नाटक सियासत: सुप्रीम कोर्ट का फैसला, विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर ले फैसला

    कर्नाटक सियासत: सुप्रीम कोर्ट का फैसला, विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर ले फैसला

     

    सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के बागी विधायकों की याचिका पर बुधवार को फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें इस मामले में संवैधानिक संतुलन बनाए रखना है। स्पीकर 15 बागी विधायकों के इस्तीफों पर अपने अनुसार विचार करें, वे खुद फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने कहा कि विधायकों को भी सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधायकों की ओर से पेश हुए वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अदालत के फैसले के ये मायने हैं कि अब बागियों पर व्हिप लागू नहीं होगा। मुकुल रोहतगी ने फैसले के बाद बताया, 15 विधायक गुरुवार को विधानसभा में उपस्थित नहीं होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत दी है कि कोई भी इन विधायकों को विश्वास मत के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अब आप पूरा समीकरण समझ सकते हैं कि विधानसभा की 224 सदस्य हैं। 15 विधायक विधानसभा में उपस्थित नहीं होंगे। ऐसी स्थिति में बचे हुए विधायकों के जरिए ही सरकार को बहुमत साबित करना होगा।

    बता दे कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के 16 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इस्तीफे पर फैसला न लेने पर 15 बागी विधायकों ने स्पीकर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से कांग्रेस-जेडीएस सरकार को खतरा हो सकता है। कुमारस्वामी सरकार कल विश्वास मत साबित करेगी। ऐसे में अगर बागी विधायक सदन की कार्रवाई में शामिल नहीं होते तो सरकार गिर सकती है।

     

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  • बिल गेट्स नहीं रहे दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स, इस शख्स ने ली बिल गेट्स की जगह

    बिल गेट्स नहीं रहे दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स, इस शख्स ने ली बिल गेट्स की जगह

     

    आप अभी तक दुनिया के दूसरे सबसे बड़े अमीर आदमी के रुप में बिल गेट्स को जानते होंगे। लेकिन अब बिल गेट्स दूसरे सबसे अमीर आदमी नहीं रहे बल्कि तीसरे नंबर पर चले गए है। दुनिया के दूसरा सबसे बड़ा अमीर आदमी बर्नार्ड अरनॉल्ट (70) बन गए हैं। लग्जरी गुड्स कंपनी एलवीएमएच के चेयरमैन बर्नार्ड की नेटवर्थ 7.45 लाख करोड़ रुपये हो गई है। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स अब अमीरी के मामले में तीसरे स्थान पर आ गए हैं।

    बर्नाल्ड की कंपनी एलवीएमएच के शेयरों में 1.38 फीसदी की तेजी आने से मंगलवार को उनकी नेटवर्थ 108 अरब डॉलर यानी 7.45 लाख करोड़ रुपये हो गई है। जबकि बिल गेट्स की नेटवर्थ 107 अरब डॉलर यानी 7.38 लाख करोड़ रुपए है। गेट्स ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के सात साल में पहली बार तीसरे नंबर पर आए हैं। इसमें शामिल दुनिया के 500 अमीरों की नेटवर्थ हर रोज अमेरिकी शेयर बाजार बंद होने के बाद अपडेट की जाती है।

    इंडेक्स के मुताबिक इस साल बर्नाल्ड की नेटवर्थ में सबसे ज्यादा 39 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। बर्नाल्ड की नेटवर्थ फ्रांस की जीडीपी के 3 फीसदी के बराबर है। बीते महीने बर्नाल्ड सेंटीबिलेनियर कैंप में भी शामिल हुए थे। जिसमें दुनिया के महज तीन व्यक्ति हैं जेफ बेजोस, बिल गेट्स और बर्नाल्ड अरनॉल्ट।

    बर्नाल्ड के पास एलवीएमएच कंपनी के करीब 50 फीसदी और फैशन हाउस क्रिश्चियन डायर के करीब 97 फीसदी शेयर हैं। फ्रांस के नोट्रे डेम कैथेड्रल चर्च को आग लगने से काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके लिए बर्नाल्ड और उनके परिवार ने 65 करोड़ डॉलर दिए थे। जबकि बिल गेट्स अब तक 35 अरब डॉलर से अधिक दान में दे चुके हैं। वहीं अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस अपनी पत्नी को तलाक के सेटलमेंट में करीब 36.5 अरब डॉलर के शेयर देने के बावजूद अमीरों की लिस्ट में प्रथम स्थान पर बने हुए हैं।

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  • आतंकी हाफिज सईद को पाक में किया गया गिरफ्तार, टेरर फंडिग मामले में गिरफ्तार

    आतंकी हाफिज सईद को पाक में किया गया गिरफ्तार, टेरर फंडिग मामले में गिरफ्तार

     

    वैश्विक आतंकी हाफिज सईद को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब की काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने हाफिज सईद को लाहौर से गिरफ्तार किया। वह लाहौर से गुजरांवाला जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद हाफिज सईद को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस दौरान हाफिद सईद ने कहा कि मैं अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा।

    इससे पहले सोमवार को लाहौर की आतंकवाद निरोधी अदालत  ने मुंबई आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के प्रमुख आतंकी सरगना हाफिज सईद और तीन अन्य को जमानत दे दी थी।  सईद के अलावा हाफिज मसूद, आमेर हमजा और मलिक जफर को 31 अगस्त तक 50,000 पाकिस्तानी रुपये के मुचलके पर अंतरिम जमानत दी गई। सुनवाई के दौरान, आरोपी के कानूनी वकील ने अदालत से जमानत की याचिका स्वीकार करने का आग्रह करते हुए कहा कि जमात-उद-दावा भूमि के किसी भी टुकड़े का अवैध रूप से उपयोग नहीं कर रहा है।

    इस बीच, लाहौर हाई कोर्ट ने संघीय सरकार, पंजाब सरकार और काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) को सईद और उसके सात सहयोगियों की ओर से दायर याचिका के बारे में नोटिस जारी किया, जिसमें सीटीडी ने एक मामले में चुनौती भी दी थी।

     

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