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पंजाब

  • CM अमरिंदर सिंह ने राहुल गांधी के इस्तीफे पर कहा, ये समय पार्टी के लिए मुश्किलों भरा

    CM अमरिंदर सिंह ने राहुल गांधी के इस्तीफे पर कहा, ये समय पार्टी के लिए मुश्किलों भरा

     

    कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे पर निराशा प्रकट करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राहुल को उसी गतिशीलता और मुकाबले की भावना से पार्टी का नेतृत्व लगातार करते रहना चाहिए, जिस प्रकार उन्होंने चुनाव अभियान के दौरान किया था। मुख्यमंत्री ने उम्मीद प्रकट की कि राहुल जल्द ही पार्टी को फिर से ऊंचाइयों की ओर ले जाने के लिए वापस आएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय पार्टी के लिए बहुत ही मुश्किलों भरा है लेकिन हम इकट्ठे होकर इस स्थिति से निकल आएंगे और राहुल के नेतृत्व और सोच के साथ ज्यादा शक्तिशाली होंगे। कैप्टन ने दोहराया कि हाल ही के लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार का सारा बोझ अकेले राहुल के कंधों पर नहीं लादा जा सकता क्योंकि यह सभी कांग्रेसी नेताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।  उन्होंने कहा कि एक चुनावी हार से राहुल के संपूर्ण नेतृत्व को परिभाषित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सामूहिक हार के लिए राहुल द्वारा अपने आप को जवाबदेह बनाना सही नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट तौर पर बहुत से कारकों के कारण घटा है, जिसने लोकसभा चुनावों में पार्टी को नीचे की ओर धकेला है। भाजपा ने राष्ट्रवाद द्वारा चुनाव में जीत हासिल की है जिसने राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस की सकारात्मक चुनाव मुहिम को दबा लिया। कैप्टन ने कहा कि विजय और पराजय किसी भी राजनीतिक पार्टी की चुनावी राजनीति का हिस्सा होती हैं और प्रत्येक हार पार्टी के पुन: उभरने के लिए मंच मुहैया कराती है। राहुल की गतिशील और सुलझे हुए नेतृत्व में कांग्रेस लाजिमी तौर पर फिर उभरेगी और यह ज्यादा शक्तिशाली होगी।

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  • सुखबीर बादल ने किया दावा, करतारपुर साहिब कॉरिडोर का काम 30 अक्तूबर तक होगा पूरा

    सुखबीर बादल ने किया दावा, करतारपुर साहिब कॉरिडोर का काम 30 अक्तूबर तक होगा पूरा

     

    शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने दावा किया कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर का भारतीय हिस्से का काम 30 अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने जल्द काम मुकम्मल करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। सुखबीर ने कॉरिडोर प्रोजेक्ट का एनिमेशन वीडियो दिखाते हुए बताया कि टर्मिनल पर 177 करोड़ और सड़क पर 120 करोड़ की लागत आएगी। इसका काम काफी तेजी से चल रहा है। लेकिन पाकिस्तान में काम की रफ्तार बेहद सुस्त है। वह बार-बार रुकावटें खड़ी कर रही है। रावी पर पहले पुल बनना था, अब कॉज-वे बनाने को कह रहा है। बारिश में फिर दिक्कत आएगी।

    भारत सरकार कह रही है कि रोजाना 5 से 10 हजार श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए जाने दिया जाए, पाकिस्तान 700 कह रहा है। वह एनआरआई को भी इजाजत नहीं दे रहा। वीजा के साथ एंट्री टैक्स की शर्त भी लगा रहा है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि पाकिस्तान सरकार को संगतों के उत्साह को देखते हुए अपने रुख में तब्दीली लानी चाहिए। सुखबीर ने कहा कि शिअद के लगातार प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने सिखों से जुड़े तमाम मसले हल कर दिए हैं। 1984 के सिख नरसंहार के 186 केसों में सबूतों के अभाव में आरोपियों को छोड़ दिया गया था। अब एसआईटी ने उन सभी केसों को दोबारा खोलने की मंजूरी ले ली है।

    इसी तरह एनआरआई की भारत सरकार के पास 314 की ब्लैक लिस्ट थी। वहीं, विभिन्न देशों की एंबेसी ने भी अपनी ब्लैक लिस्ट बना रखी थी। उन लोगों और उनके परिजनों तक को भारत आने की इजाजत नहीं थी। भारत सरकार ने अपनी ब्लैक लिस्ट घटा कर 40 कर दी है। इनके भी परिजनों को भी आने की इजाजत होगी। सभी देशों की एंबेसी की ब्लैक लिस्ट खत्म कर दी है। जोधपुर में रखे चालीस लोगों को तो दो करोड़ मुआवजा मिल चुका है। केंद्र से मांग की गई थी कि जो लोग कोर्ट नहीं गए, उन्हें भी मुआवजा दिया जाए। केंद्र ने इस पर सहमति जता दी है। साथ ही यह भी आश्वासन दिया है कि आतंकवाद के दौर में विभिन्न जेलों में बंद जो लोग सजा काट चुके हैं, उन्हें छोड़ा जाएगा।

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  • पंजाब से खुफिया एजेंसी ISI को गुप्त सैन्य सूचनाएं देने के आरोप में 1 व्यक्ति गिरफ्तार

    पंजाब से खुफिया एजेंसी ISI को गुप्त सैन्य सूचनाएं देने के आरोप में 1 व्यक्ति गिरफ्तार

     

    पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को गुप्त सैन्य सूचनाएं देने के आरोप में पंजाब के फरीदकोट से एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि उसके पास से ऐसे दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जो अपराध की ओर संकेत करते हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोगा जिले का निवासी सुखविंदर सिंह सिद्धू पिछले कुछ समय से फरीदकोट में रह रहा था। वह कई साल पहले एक यात्रा के दौरान कथित तौर पर पड़ोसी देश के एजेंटों के संपर्क में आया था। अधिकारी ने कहा, सुखविंदर गुरु नानक की जयंती मनाने के लिए नवंबर 2015 में तीर्थयात्रा पर पाकिस्तान गया था।

    इसके बाद वह तीन पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में आया जिन्हें उसने वाट्सएप के जरिए गुप्त सैन्य जानकारी भेजना शुरू किया। उन्होंने बताया कि आरोपी को राज्य पुलिस के खुफिया विभाग द्वारा सेना के पास के इलाके से गिरफ्तार किया गया है। सैन्य प्रतिष्ठानों की जासूसी करने वाले लोगों को गिरफ्तार करने की श्रृंखला में ये सबसे नया मामला है। इससे पहले मार्च में राजस्थान पुलिस ने इसी तरह के आरोप में 42 वर्षीय एक व्यक्ति को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी मोहम्मद परवेज नकली पहचान का उपयोग करते हुए भारती सैनिकों को हनी ट्रैप का शिकार बनाता था। इसके बाद सेना की गोपनीय और रणनीतिक जानकारियां लेकर उसे आईएसआई को भेज देता था।

    पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर आईएसआई संचालकों के संपर्क में रहने के लिए पिछले 18 सालों में 17 बार पाकिस्तान की यात्रा की बात कबूल की थी। कुछ दिनों बाद एक 36 वर्षीय व्यक्ति को जासूसी के संदेह पर राजस्थान के जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास से हिरासत में लिया गया था। पुलिस के मुताबिक ये आरोपी नवाब खान भी पाकिस्तान की यात्रा के दौरान ISI एजेंटों के संपर्क में आया था।

     

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  • सीएम अमरिंदर सिंह ने नही की राहुल गांधी से मुलाकात, सिद्धू ने नहीं संभाला अभी तक विभाग

    सीएम अमरिंदर सिंह ने नही की राहुल गांधी से मुलाकात, सिद्धू ने नहीं संभाला अभी तक विभाग

     

    मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 3 दिन के दिल्ली दौरे में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात नहीं की। माना जा रहा था कि वह राहुल से मिलेंगे और नवजोत सिद्धू को लेकर जो विवाद चल रहा है उस पर बात करेंगे, लेकिन ऐसा न करने से सिद्धू का मामला फिर लटक गया है। साथ ही यह बात भी साफ होने लगी है कि कैप्टन सिद्धू को अपनी कैबिनेट में नहीं रखना चाहते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से मुलाकात की। अटकलें हैं कि कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के मुद्दे पर पटेल से चर्चा की और स्थानीय निकाय महकमे को लेकर उनकी कारगुजारी संबंधी रिपोर्ट सौंप दी। यह अलग बात है कि रिपोर्ट सौंपने की कोई पुष्टि नहीं कर रहा है। कैप्टन अमरिंदर के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने कहा कि अहमद पटेल के साथ मुख्यमंत्री की बेहद औपचारिक मीटिंग थी। दो दिन पहले पटेल ने कैप्टन को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया था, लेकिन गृहमंत्री अमित शाह के साथ मीटिंग के कारण वह जा नहीं सके थे, इसीलिए आज मिले और मात्र दस मिनट दोनों में बात हुई।

    दूसरी तरफ कैप्टन का राहुल गांधी से न मिलना चर्चा का विषय बन गया है। कैप्टन के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि यह दौरा केवल आधिकारिक था और केंद्रीय मंत्रियों से मिलने का ही कार्यक्रम था। राहुल से मिलने के लिए समय नहीं मांगा गया था, लेकिन सियासी हलकों में चर्चा है कि बेशक कैप्टन ने केंद्रीय मंत्रियों से मिलने का कार्यक्रम तय कर रखा था, लेकिन पार्टी प्रधान से उन्हें मिलने जाना ही चाहिए था। कैप्टन चुनाव के बाद राहुल गांधी से नहीं मिले हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने 6 जून को मंत्रियों के महकमों में फेरबदल किया था। सिद्धू ने बिजली महकमा अब तक नहीं संभाला है जो उन्हें स्थानीय निकाय महकमे की जगह मिला है। निकाय विभाग छिनने से वह नाराज हैं।

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  • पंजाब: गृह मंत्रालय ने दिए लुधियाना, अमृतसर और बठिंडा जेल में CRPF तैनात करने के आदेश

    पंजाब: गृह मंत्रालय ने दिए लुधियाना, अमृतसर और बठिंडा जेल में CRPF तैनात करने के आदेश

     

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब की 3 जेल लुधियाना, अमृतसर और बठिंडा में सीआरपीएफ तैनात करने के आदेश जारी कर दिए हैं। तीनों जेल में एक-एक कंपनी तैनात होगी। प्रदेश की जेलों में नशे व अन्य गैर कानूनी वस्तुओं की कैदियों तक पहुंच, गैंगस्टरों के बीच जेल में मारपीट जैसी घटनाओं के चलते प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से मांग की थी। जिस पर विचार करते हुए केंद्र ने सहमति दे दी है।

    सीआरपीएफ की तीन कंपनियों की तैनाती का सारा खर्च पंजाब सरकार वहन करेगी। जेल मंत्री ने पिछले साल प्रदेश की जेलों की सुरक्षा सीआईएसएफ के हवाले किए जाने का सुझाव रखते हुए केंद्र से फोर्स उपलब्ध कराने की गुहार लगाई थी। लेकिन केंद्र सरकार ने इस संबंध में मंजूरी नहीं दी। इसके बाद राज्य सरकार ने सीआरपीएफ की तैनाती की मांग की, जिस पर बुधवार को अनुमति मिली है।

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के पुलिस फाइनेंस विंग की ओर से पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी पंजाब पुलिस को भेजे पत्र में कहा कि राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से 8 अक्तूबर, 2018 को हाई सिक्योरिटी जेलों में सीआरपीएफ की तैनाती के बारे में लिखे गए पत्र पर मंत्रालय द्वारा विचार किया गया और सीआरपीएफ की तीन कंपनियां अमृतसर, लुधियाना और बठिंडा सेंट्रल जेल में तैनात कराने का फैसला लिया है।

    नाभा की नई जेल की सुरक्षा को और कड़ा करते हुए जेल में इंडियन रिजर्व बटालियन तैनात कर दी गई है। यह जानकारी गुरुवार को पटियाला जोन के आईजी एएस राय ने दी। वह एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू के साथ नाभा जेल में डेरा प्रेमी की हत्या के मामले में जांच को पहुंचे थे। दोनों ही आला अधिकारी सीएम की ओर से इस मामले की जांच के लिए बनाई एसआईटी के सदस्य हैं। इस मौके पर आईजी राय ने बताया कि नाभा की नई जेल में 1000 के करीब कैदी है। जिसके तहत यहां आईआरबी तैनात कर दी गई है। आज उन्होंने व एसएसपी ने जेल में वारदात वाली जगह व आरोपियों के सेलों को दोबारा से देखा और सभी पहलुओं को समझने की कोशिश की गई।

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  • लुधियाना सेंट्रल जेल में कैदियों और पुलिस के बीच झड़प, एक की मौत

    लुधियाना सेंट्रल जेल में कैदियों और पुलिस के बीच झड़प, एक की मौत

     

    लुधियाना सेंट्रल जेल में गुरुवार को कैदियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। इसमें एक की मौत हो गई। झड़प में एसीपी संदीप वडेरा समेत 17 पुलिसकर्मी और 15 कैदियों के जख्मी हो गए। बताया जा रहा है कि 10 कैदियों ने जेल तोड़कर भागने की कोशिश की भी। इसमें से 5 को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि 5 कैदी फरार हो गए।

    जेल में बुधवार रात एक कैदी की मौत के बाद से विवाद शुरू हुआ। गुरुवार सुबह तक यह विवाद बढ़ गया और कैदियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। कैदियों ने जेल परिसर में खड़ी पुलिस की गाड़ी को भी आग लगा दी। घटना की सूचना पर डीसी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। भारी पुलिस बल हालात पर काबू पाने की कोशिश में लगा है। जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने एडीजीपी जेल रोहित चौधरी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी है।

    जानकारी के मुताबिक, यहां सन्नी नाम के एक कैदी की बुधवार रात मौत हो गई। इस बारे में पुलिस सूत्रों की मानें तो सन्नी की तबियत खराब होने की वजह से उसे अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। यहां से उसे पटियाला के रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर भड़के कैदियों का आरोप है कि सन्नी को पुलिस ने मारा है। रात में जैसी ही सन्नी की मौत का पता चला, जेल में बंद कैदी पुलिस पर हमलावर हो गए।

    इसके बाद गुरुवार सुबह करीब 11 बजे कैदियों ने हाई सिक्यूरिटी जोन में पुलिस वालों पर हमला कर दिया। पुलिस को झगड़ा कर रहे लोगों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए। फायरिंग में संदीप सूद की मौत हो गई।

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  • पंजाब में सरकारी टीचरों की ट्रांसफर पॉलिसी जारी, साल में एक बार होगा ऑनलाइन ट्रांसफर

    पंजाब में सरकारी टीचरों की ट्रांसफर पॉलिसी जारी, साल में एक बार होगा ऑनलाइन ट्रांसफर

    पंजाब में सरकारी स्कूलों के टीचरों में तबादलों के दौरान सिफारिशों और रिश्वत का दौर अब खत्म हो जाएगा। क्योंकि अब टीचरों के तबादले सिर्फ ऑनलाइन ही होंगे। शिक्षा विभाग ने पंजाब के सरकारी टीचरों की ट्रांसफर पॉलिसी मंगलवार को जारी कर दी। शिक्षामंत्री विजय इंदर सिंगला ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सभी को बराबर मौका देने और पारदर्शिता के साथ तबादले के मकसद से यह नीति बनाई गई है।

    नीति इसी सत्र से लागू होगी। यह ईटीटी, एचटी, सीएचटी, मास्टर, सीएंडवी, लेक्चरर और वोकेशनल मास्टर समेत करीब 80 हजार टीचरों पर लागू होगी। एक्सटेंशन पर चल रहे कर्मचारी, मिनिस्ट्रियल कैडर, ब्लॉक व जिलाअधिकारी, डाइट प्रिंसिपल, स्कूलों के हेड मास्टर और प्रिंसिपल इस नीति में शामिल नहीं होंगे। तबादले साल में सिर्फ एक बार ही किए जाएंगे। हालांकि प्रशासनिक जरूरत पर साल में कभी भी तबादला हो सकता है।

    हर साल एक से 31 दिसंबर तक नए स्कूल खोलने, सेक्शन में विस्तार, नए विषय शामिल करने, शिक्षण पदों के पुनर्वितरण पर फैसला किया जाएगा। एक से 15 जनवरी तक वास्तविक रिक्तियों का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। 15 जनवरी से 15 फरवरी तक टीचर अपनी पसंद के स्कूल का विकल्प ऑनलाइन देंगे।  मार्च के दूसरे सप्ताह में तबादले के आदेश जारी कर दिए जाएंगे, अप्रैल के पहले सप्ताह में टीचर ज्वाइन कर लेंगे। ऑनलाइन आवेदन करने की तारीख के एक माह के अंदर तबादलों के और दौर भी हो सकते हैं। वास्तविक रिक्तियों के लिए क्वालिफाइंग तिथि, अंक गणना, ठहराव की गिनती हर साल 31 मार्च को होगी।

    शिक्षामंत्री सिंगला ने बताया कि स्कूल अलॉट करने का फैसला टीचर द्वारा 250 में से लिए गए अंकों के आधार पर होगा। सबसे ज्यादा अंक लेने वाला टीचर तबादले का हकदार होगा। सेवा की अवधि के लिए सर्वाधिक 95 अंक मिलेंगे। 48 वर्ष की आयु पर एक, 49 वर्ष पर दो अंक मिलेंगे, आयु को देखते हुए अधिकतम दस अंक दिए जाएंगे।

    महिलाओं, विधवाओं, विधुरों, विकलांग, गंभीर बीमार और अच्छा प्रदर्शन करने वाले टीचरों को 50 अंक मिलेंगे। नियुक्ति वाले स्कूल की ग्रेडिंग, पांच साल के औसत रिजल्ट पर भी विचार किया जाएगा। अगर टीचर के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं तो 15 अंक दिए जाएंगे। मैटरनिटी और चाइल्ड केयर लीव के अलावा तीन माह से अधिक छुट्टी लेने वालों को नेगेटिव प्वाइंट्स मिलेंगे।

    तबादला नीति के तहत राज्य को कई जोन में बांटा गया है, जिसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। 27 जून से एक जुलाई तक एतराज मांगे जाएंगे, दो जुलाई को फैसले के बाद तीन को फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। चार से 11 जुलाई तक ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। 12 जुलाई को नई तैनाती के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। खाली हुए पदों पर 15-22 जुलाई तक फिर आवेदन मांगे जाएंगे। यह प्रक्रिया 31 जुलाई तक जारी रहेगी।

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  • नाभा जेल हत्या: सीएम ने दिए जांच के लिए SIT बनाने के आदेश, नहीं लिया जाएगा कोई केस वापस

    नाभा जेल हत्या: सीएम ने दिए जांच के लिए SIT बनाने के आदेश, नहीं लिया जाएगा कोई केस वापस

     

    मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नाभा जेल में बरगाड़ी बेअदबी के मुख्य आरोपी बिट्‌टू की हत्या की जांच के लिए एसआईटी बनाने के आदेश दिए हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान यह फैसला किया। वहीं, सरकार ने कहा कि डेरा प्रेमियों के खिलाफ एक भी केस वापस नहीं लिया जाएगा। बिट्‌टू समेत अन्य लोग जिनके खिलाफ बेअदबी के मामले दर्ज हैं, उनका फैसला कोर्ट करेगी।

    सीएम ऑफिस के अनुसार, क्योंकि ये मामले गंभीर हैं इसलिए इसमें सरकार दखल नहीं देगी। बिट्टू के खिलाफ मामले में अंतिम जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की गई है और इस संबंध में कोई भी फैसला लेना कोर्ट पर निर्भर करता है। सीएम के प्रवक्ता ने कहा कि बेअदबी करने वालों को सजा दिलाई जाएगी। वहीं, एसआईटी का नेतृत्व एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर ईश्वर सिंह करेंगे। यह एसआईटी बिट्टू पर पिछले साल हुए घातक हमले व जेल में की गई हत्या के कारणों का भी पता लगाएगी।

    सरकार ने पूरे मालवा में पैरामिलिट्री फोर्स की 10 कंपनियां तैनात कर दी हैं। मालवा में पड़ते लगभग 8 जिलों के पुलिस अफसरों व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आती तब कर्मचारी व अधिकारियों को छुट्टी नहीं मिल पाएगी। वहीं, सोमवार को कोटकपूरा में कई बैठकों के बाद डेरा सच्चा सौदा के मेंबरों ने तनावपूर्ण माहौल में बिट्टू का अंतिम संस्कार किया।

    डेरा की संगत के समक्ष डीसी फरीदकोट कुमार सौरभ राज ने कहा कि बेअदबी केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के लिए सरकार अर्जी दायर करेगी। मालवा में 10 पैरामिलिट्री फोर्स के साथ पंजाब से भी 3000 कर्मचारियों को तैनात किया है। इनमें पीएपी, आईआरबी और कमांडो फोर्स के जवान शामिल हैं। इन्हें मालवा के विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है।

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  • डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की पैरोल मामले पर सुरक्षा व्यवस्था और कृषि योग्य भूमि के ब्योरे की जांच

    डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की पैरोल मामले पर सुरक्षा व्यवस्था और कृषि योग्य भूमि के ब्योरे की जांच

     

    साध्वी यौन शोषण और छत्रपति हत्याकांड में सजा काट रहे डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा कृषि कार्य के लिए पैरोल मांगने को लेकर पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कृषि भूमि का ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिरसा एसपी अरुण सिंह ने एसआईटी सहित एसएचओ सदर और एचएचओ सिटी को इसकी रिपोर्ट तैयार करने की अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि एसआईटी ही पूरी रिपोर्ट का निष्कर्ष तैयार करके एसपी को सौंपेंगी।

    क्योंकि डेरे से संबंधित मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। ऐेसे में एसआईटी ने राजस्व विभाग को डेरा सच्चा सौदा और डेरा प्रमुख की कृषि भूमि का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। जिससे कि पता किया जा सके कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के पास कृषि योग्य भूमि है भी या नहीं। प्रशासन के आदेश के बाद राजस्व विभाग ने भी डेरे की प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड को खंगालना शुरू कर दिया है। डेरा या ट्रस्ट की जमीन को डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम की व्यक्तिगत कृषि भूमि नहीं माना जाएगा।

    जानकारी अनुसार डेरा सच्चा सौदा के पास करीब 800 एकड़ जमीन है। जिसमें से करीब 250 एकड़ जमीन कृषि योग्य है। इसमें से कुछ रिसर्च सेंटर के नाम पर भी हैं और कुछ डेरा प्रमुख के नाम भी है। इसी प्रकार से पुराने डेरे के पास 25 एकड़ भूमि है, जिसमें से कृषि योग्य भूमि लगभग दस एकड़ है। इसके अतिरिक्त पंजाब, बीकानेर में भी डेरे के पास काफी भूमि है।

    डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह की ओर से कृषि कार्य के लिए पैरोल मांगी गई है। सुनारिया जेल अधीक्षक ने इस संबंध में सिरसा के उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी है। पूछा गया है कि कैदी गुरमीत सिंह को पैरोल देना उचित होगा या नहीं? इस बारे में जिला प्रशासन अपनी सिफारिश आयुक्त रोहतक को भेजेंगे।

     

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  • नाभा जेल मर्डर: DGP ने किया रेड अलर्ट जारी, SIT रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई

    नाभा जेल मर्डर: DGP ने किया रेड अलर्ट जारी, SIT रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई

     

    नाभा जेल में बंद बरगाड़ी बेअदबी मामले के आरोपी व डेराप्रेमी महिंदरपाल बिट्टू की हत्या के बाद डीजीपी दिनकर गुप्ता ने सूबे में रेड अलर्ट जारी कर दिया। मालवा क्षेत्र में बीएसएफ की 10 कंपनियां तैनात कर दी गईं। फरीदकोट में पुलिस, आईआरबी और बीएसएफ के 1000 जवान, मोगा में पैरा-मिलिट्री की 2 कंपनियां और 250 पुलिस कर्मी तैनात किए गए। बठिंडा, संगरूर में पुलिस व जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा।

    नामचर्चा घरों के अतिरिक्त धार्मिक स्थलों व डेरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। जगह-जगह नाके लगाकर चेकिंग शुरू कर दी गई। संगरूर, मोगा में जिला पुलिस ने राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर गढ़ाए हुए है। संगरूर और फिरोजपुर में नामचर्चा नहीं हुई। डेरा सिरसा की 45 सदस्यीय कमेटी के सदस्य हरिंदर इंसां ने कहा, ज्यादातर डेराप्रेमी कोटकपूरा गए हैं, जिसके कारण भोग समागम को छोड़कर बाकी सभी तरह की नामचर्चा रविवार को रद रही।

    उधर, रविवार शाम 4 बजे जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा नाभा जेल पहुंचे। एडीजीपी जेल, आईजी व जेल अधिकारियों के साथ 2 घंटे मीटिंग की। उन्होंने कहा कि एडीजीपी रोहित चौधरी की अगुवाई में टीम तीन दिन में रिपोर्ट पेश करेगी। 4 जेल मुलाजिमों पर कार्रवाई की है। एसआईटी रिपोर्ट के बाद सुपरिंटेंडेंट और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पर कार्रवाई की जाएगी।

    बिट्‌टू के बेटे अरमिंदर ने बताया कि पुलिस ने बेअदबी के झूठे मामले में फंसाने की मनमानी की। डर के मारे चुप रहे। पिता बाहर आते वह कोई बड़ा खुलासा न कर सकें इसलिए साजिशन उनकी हत्या की गई। हत्या के पीछे साजिश का पर्दाफाश होने तक संस्कार नहीं करेंगे। साथ ही महिंदर पाल समेत अन्य डेरा प्रेमियों पर दर्ज मामले रद्द होने चाहिए।

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  • पटियाला की नाभा जेल में कैदी की हत्या, जेल के 4 सीनियर ऑफिसर्स सस्पेंड

    पटियाला की नाभा जेल में कैदी की हत्या, जेल के 4 सीनियर ऑफिसर्स सस्पेंड

     

    पंजाब के पटियाला में नाभा जेल में बंद एक कैदी की दो कैदियों ने हत्या कर दी है। मृतक कैदी की पहचान मोहिंदर पाल सिंह बिट्टू के रूप में हुई है। मोहिंदर पाल सिंह बिट्टू डेरा सच्चा सौदा की 45 सदस्य कमेटी का सदस्य था। पटियाला स्थित नाभा सेंट्रल जेल है और यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है। बावजूद इसके इस हत्या से जेल प्रशासन की लापरवाही की कलई खुल गई है। रिपोर्ट के मुताबिक मोहिंदर पाल सिंह बरगाड़ी में धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी मामले में आरोपी था।

    मोहिन्दर पाल सिंह बिट्टू का कुछ कैदियों के साथ झगड़ा हुआ, इसके बाद उस पर दो दूसरे कैदियों ने हमला कर दिया इस हमले में मोहिन्दर पाल बुरी तरह से घायल हो गया। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। नाभा जेल कत्ल मामले में पंजाब सरकार ने जेल के चार सीनियर ऑफिसर्स को सस्पेंड कर दिया है। इसमें जेल अधीक्षक, उप जेल अधीक्षक और 2 जेल वार्डन शामिल हैं।

    मोहिन्दर पाल सिंह की हत्या के मामले में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम ने कहा है कि दोषी को कड़ी सजा दी जाएगी। एडीजीपी जेल रोहित चौधरी इस जांच कमेटी के प्रमुख होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक सीएम द्वारा बिठाई गई जांच न्यायिक जांच के अलावा होगी। बता दें कि मोहिन्दर पाल सिंह को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था। घटना के बाद सीएम ने पूरे राज्य में सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं। सीएम ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बरकरार रखें। सीएम ने कहा कि घटना में शामिल दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।

     

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  • पंजाब के राज्यपाल ने की हरजीत सिंह फर्जी एनकाउंटर में हत्या के दोषी चार पुलिसकर्मियों की सजा माफ

    पंजाब के राज्यपाल ने की हरजीत सिंह फर्जी एनकाउंटर में हत्या के दोषी चार पुलिसकर्मियों की सजा माफ

     

    लुधियाना जिले के गांव सहारन माजरा के हरजीत सिंह की फर्जी एनकाउंटर में हत्या के दोषी चार पुलिसकर्मियों की सजा पंजाब के राज्यपाल बीपी सिंह बदनौर ने माफ कर दी है। इसकी सिफारिश पंजाब के डीजीपी और एडीजीपी जेल द्वारा राज्यपाल से की गई थी। पंजाब के प्रमुख सचिव जेल कृपा शंकर सरोज ने गत 11 जून को चारों दोषी पुलिसकर्मियों को अलग-अलग पत्र जारी कर राज्यपाल बीपी बदनौर द्वारा सजा माफ करने के बारे में जानकारी दी है।

    इन चारों को दिसंबर 2014 में स्पेशल जज सीबीआई कम एडिशनल सेशन जज पटियाला द्वारा उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी। चारों दोषियों ने इस फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर फैसला लंबित है। इन कैदियों ने 3 जनवरी, 2017 तक 2 साल 1 महीना 3 दिन की असल सजा काट ली। इस पर डीजीपी और एडीजीपी (जेल) की सिफारिश और उनके द्वारा पेश तथ्यों के आधार पर राज्यपाल बदनौर ने संविधान के अनुच्छेद 161 में दिए अधिकार का उपयोग करते हुए उनके मामले पर हमदर्दी से विचार करने के बाद सजा माफ कर दी।

    बता दे हरजीत सिंह को 6 अक्तूबर 1993 को उसके गांव सहारन माजरा से पंजाब पुलिस के तत्कालीन एएसआई हरिंदर सिंह पुत्र गुरचरण सिंह निवासी गांव माछी जोआ जिला कपूरथला ने अगवा किया और यूपी पुलिस के एसपी रैंक के अधिकारी रविंदर कुमार सिंह पुत्र मोरध्वज निवासी गांव पपना जिला लखनऊ,  इंस्पेक्टर बृजलाल वर्मा पुत्र बालादीन निवासी गांव सोहाजना, जिला महोबा और कांस्टेबल ओंकार सिंह पुत्र माधव सिंह निवासी गांव फतेहपुर जिला लखनऊ के साथ मिलकर 12 अक्तूबर 1993 को फर्जी एनकाउंटर दिखाकर मार दिया।

    इसी आधार पर हरिंदर सिंह को प्रमोट कर एसआई बना दिया गया था। इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 1996 में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई कोर्ट ने हरजीत सिंह की हत्या में हरिंदर सिंह, बृजलाल वर्मा, रविंदर और ओंकार को दोषी पाया। इसके बाद 1 दिसंबर 2014 को चारों पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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  • नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर से दिल्ली में, राहुल गांधी से करेंगे मुलाकात

    नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर से दिल्ली में, राहुल गांधी से करेंगे मुलाकात

     

    पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच मतभेद खत्म होने के आसार दिखाई नहीं दे रहे है। राहुल और प्रियंका से मुलाकात के बाद जहां सिद्धू ने अपना नया विभाग संभालने के संकेत दिए थे। वहीं गुरुवार को उन्होंने एक बार फिर दिल्ली में डेरा डाल दिया। माना जा रहा है कि सिद्धू एक बार फिर नई फरमाइश लेकर राहुल गांधी से मिलने पहुंचे हैं।

    दरअसल सिद्धू स्थानीय निकाय विभाग लेकर बिजली विभाग सौंपे जाने के कैप्टन अमरिंदर सिंह के फैसले से इस कदर आहत हैं कि उन्हें लग रहा है कि कैप्टन ने उनका कद घटा दिया है। सिद्धू दिल्ली पहुंचे, लेकिन दिन भर उनकी किसी बड़े नेता से मुलाकात नहीं हो सकी। वे चंडीगढ़ कब लौटेंगे, इस बारे में अभी कुछ साफ नहीं है। वहीं सिद्धू के ताजा रवैये से यह भी साफ हो गया है कि वे नया विभाग जल्द संभालने वाले नहीं हैं।

    नए मंत्री के कार्यभार न संभालने के चलते बिजली विभाग के कामकाज पर असर को लेकर विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी ने गुरुवार को साफ किया कि काम सुचारु रूप से चल रहा है और ऐसी कोई फाइल भी पेंडिंग नहीं है, जिस पर मंत्री की गैरमौजूदगी के चलते फैसला लेना संभव न हो। इस बीच, गुरुवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव की तैयारियों को लेकर बुलाई बैठक में प्रकाशोत्सव के दौरान बिजली व्यवस्था पर पीएसपीसीएल के चेयरमैन बलदेव सिंह सरां से विचार विमर्श किया। चेयरमैन ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि प्रकाशोत्सव के दौरान बिजली व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सभी प्रबंध मुकम्मल किए जाएंगे।

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  • पंजाब सरकार ने की स्मार्ट राशन कार्ड ग्रुप की पहली बैठक, लिए ये फैसलें

    पंजाब सरकार ने की स्मार्ट राशन कार्ड ग्रुप की पहली बैठक, लिए ये फैसलें

     

    पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा सलाहकार समूहों के गठन के बाद सरकार की खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रमुख स्कीमों को तेजी प्रदान करने के लिए स्मार्ट राशन कार्ड ग्रुप की मंगलवार को पहली मीटिंग हुई। खाद्य और सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु के नेतृत्व में अनाज भवन चंडीगढ़ में बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा स्कीमों का जायजा लेते हुए ग्रुप ने जारी स्कीमों को सुचारु बनाने के लिए कुछ उपाए भी सुझाए ताकि खाद्य वितरण प्रणाली में और पारदर्शिता लाई जा सके।

    बैठक में शामिल ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सामाजिक सुरक्षा मंत्री अरुणा चौधरी, 7 विधायक, सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण विभाग, सामाजिक सुरक्षा विभाग और वित्त विभाग के उच्च अधिकारी, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गुरकिरत कृपाल सिंह और विशेष तौर पर बुलाए गए मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव कैप्टन संदीप संधू शामिल थे।

    सभी ने स्मार्ट राशन कार्ड लाभपात्रियों की पड़ताल संबंधी प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सुझाव दिए। साथ ही यह प्रस्ताव भी रखा गया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 10 प्रतिशत लाभपात्रियों की सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट और 5 फीसदी की जांच डीसी द्वारा की जाएगी।

    स्कीम को अधिक-से-अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए ग्रुप की ओर से युवा छात्रावास, वृद्ध और अनाथ आश्रमों को भी सब्सिडी के आधार पर राशन स्कीम में लाने के लिए सहमति दी गई। सदस्यों द्वारा आगामी खाद्य वितरण प्रक्रिया के दौरान स्मार्ट राशन कार्ड धारकों को छूट पर दालें बांटने संबंधी 100 प्रतिशत सहमति दी गई।

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  • कांग्रेस नवजोत सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में, आज संभाल सकते है सिद्धू नया विभाग

    कांग्रेस नवजोत सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में, आज संभाल सकते है सिद्धू नया विभाग

     

    सीएम अमरिंदर सिंह के मंत्रालय बदले जाने से नाराज पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस हाईकमान राष्ट्रीय महासचिव जैसी बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और सिद्धू में नाराजगी को दूर करने के लिए दिल्ली में हुई बैठक के बाद मंगलवार को सिद्धू बिजली विभाग का कार्यभार भी संभाल सकते हैं।

    पिछले 12 दिन से बिजली विभाग में सिस्टम गड़बड़ा गया है। विभिन्न थर्मल प्लांट्स में कोयले के ऑर्डर-सप्लाई पर असर पड़ा है, वहीं बिजली कट से घरेलू जनता परेशान है। लुधियाना, जालंधर, मोहाली में इंडस्ट्री को बिजली नहीं मिल रही है। वहीं, धान के सीजन में बिजली न मिलने से किसान संगठन नाराज हैं।

    सिद्धू कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में से हैं। ऐसे में पार्टी नहीं चाहती कि सिद्धू पार्टी से किनारा करें। वहीं, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी नाराज करना चाहती। इसी को लेकर पार्टी हाईकमान सिद्धू को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह देने की तैयारी कर रहा है।

    नवजोत सिंह सिद्धू ने 10 जून को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से से मुलाकात की थी। सिद्धू ने इस बैठक के बाद ट्वीट किया था कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और उन्हें हालात के बारे में जानकारी दी। 6 जून को अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के मंत्रालय में बदलाव किया था। उन्हें ऊर्जा और नवीन-नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय दिया गया है। पहले वे पर्यटन और शहरी विकास मंत्री थे।

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