दुनिया

  • शोएब अख्तर ने किया जस्टिस फॉर निमरिता कैंपेन का समर्थन, कहा दोषियों पर हो जल्द से जल्द कार्रवाई

    शोएब अख्तर ने किया जस्टिस फॉर निमरिता कैंपेन का समर्थन, कहा दोषियों पर हो जल्द से जल्द कार्रवाई

     

    पाकिस्तान में हिंदू लड़की निमरिता कुमारी की संदिग्ध हालत में कॉलेज के हॉस्टल में मौत हो गई थी। निमरिता को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर जस्टिस फॉर निमरिता कैंपेन चलाया जा रहा है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी जस्टिस फॉर निमरिता कैंपेन का समर्थन करते हुए इस मामले में न्याय की मांग की है।

    शोएब अख्तर का कहना है कि दोषियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। शोएब ने ट्वीट कर कहा, निमरिता कुमारी की संदिग्ध हालत में हुई मौत में काफी दुखी हूं। मुझे उम्मीद है कि दोषियों की जल्द तलाश कर ली जाएगी और इस मामले में न्याय मिलेगा। मेरा दिल हर एक पाकिस्तान के लिए धड़कता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की वह किसमें आस्था रखता है।

    निमरिता कुमारी नजीर भुट्टो मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट थीं. एग्जाम से ठीक एक दिन पहले कॉलेज हॉस्टल में निमरिता संदिग्ध हालत में मृत मिलीं। रिपोर्ट्स में आशंका जताई जा रही है कि निमरिता ने आत्महत्या की है। लेकिन निमरिता के भाई ने कहा है कि निमरिता की हत्या की गई है। बता दें कि पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। सिंध प्रांत के सीएम को यूनिवर्सिटी की तरफ से भी जांच की पूरी रिपोर्ट भेजी गई है। सीएम ने इस मामले में जांच का पूरा भरोसा दिलाया था।

    और भी...

  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से जल्द करेंगे मुलाकात

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से जल्द करेंगे मुलाकात

     

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से जल्द मुलाकात करेंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में काफी प्रगति हुई है। ट्रम्प 22 सितंबर को ह्यूस्टन में होने वाले हाउडी मोदी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारतीय अमेरिकियों को संबोधित करेंगे लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से कब और कहां मुलाकात करेंगे।

    ट्रम्प ने सोमवार को व्हाइट हाउस में एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, मैं प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करूंगा और मैं भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से मुलाकात करूंगा। ट्रम्प के कार्यक्रम के अनुसार वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से इस महीने न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर मुलाकात कर सकते हैं।

    हाउडी मोदी कार्यक्रम में 50,000 से अधिक भारतीय-अमेरिकियों की रिकॉर्ड संख्या को संबोधित करने के बाद ट्रम्प ओहायो जाएंगे और इसके बाद उनके संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक महासभा सत्र के लिए न्यूयार्क जाने की संभावना है। ट्रम्प ने कश्मीर का जिक्र किए बिना कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव करने की दिशा में काफी प्रगति की गई है। बता दें, जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाने के पांच अगस्त के फैसले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।

    और भी...

  • पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक साथ होंगे एक मंच पर, व्हाइट हाउस ने दी जानकारी

    पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक साथ होंगे एक मंच पर, व्हाइट हाउस ने दी जानकारी

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 से 27 सितंबर के बीच अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक साथ एक मंच पर होंगे। 22 सितंबर को ह्यूस्टन में पीएम मोदी और ट्रंप एक साथ भारतीय-अमेरिकी लोगों को संबोधित करेंगे। ये जानकारी व्हाइट हाउस दी है।

    व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने एक बयान जारी करके कहा है, 22 सितंबर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी को रेखांकित करने के लिए ह्यूस्टन, टेक्सास और वैपकोटेना ओहियो की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह ह्यूस्टन में पीएम मोदी के साथ एक कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे। वहीं, पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के एक साथ मंच साझा करने पर अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा है, दोनों नेताओं के द्वारा Howdy Modi कार्यक्रम को संबोधित करना ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। यह न केवल रिश्ते में निकटता बल्कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच व्यक्तिगत दोस्ती को भी दर्शाता है।

    बता दें कि अमेरिका दौरे पर पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र को भी संबोधित करेंगे और न्यूयॉर्क में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताओं में शामिल होंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र में वक्ताओं की सूची के मुताबिक मोदी का संबोधन 27 सितंबर की सुबह होगा। मई में दोबारा चुनाव जीतने के बाद मोदी का संयुक्त राष्ट्र में यह पहला भाषण होगा।

     

    और भी...

  • ऑफिस ट्रिप के दौरान शख्स ने किया सेक्स, कोर्ट ने कंपनी को माना जिम्मेदार

    ऑफिस ट्रिप के दौरान शख्स ने किया सेक्स, कोर्ट ने कंपनी को माना जिम्मेदार

     

    पेरिस में ऐसी घटना हुई, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया. फ्रांस का एक शख्स बिजनेस ट्रिप पर गया और संबंध बनाने के दौरान उसकी मौत हो गई. उनकी मृत्यु को "कार्यस्थल दुर्घटना" करार दिया गया. Fox News की खबर के मुताबिक, पेरिस की एक अदालत ने फैसला सुनाया कि फर्म को उस कर्मचारी के परिवार को मुआवजा देना चाहिए जिसे रेलवे कंपनी की व्यावसायिक यात्रा पर जाने के दौरान सेक्स करते समय दिल का दौरा पड़ा था।

    मृतक शख्स की पहचान एम जेवियर के रूप में हुई है। जेवियर को रेलवे कंसंट्रक्शन कंपनी ने 2013 में सेंट्रल फ्रांस के एक होटल में बिजनेस मीटिंग के लिए भेजा था। जहां उसने एक अजनबी के साथ सेक्स किया और उसकी मौत हो गई। बता दें कि घटना के 6 साल बाद मामले पर कोर्ट का फैसला आया है।

    द लोकल फ्रांस ने रिपोर्ट किया है कि शख्स को सेक्स करते समय दिल का दौरा पड़ा और उसकी मृत्यु हो गई। वकील सारा बल्लुट द्वारा पिछले हफ्ते लिंक्डइन पर पोस्ट किए गए आदेश के मुताबिक, अदालत ने इस मौत को कार्यस्थल दुर्घटना करार दिया है। कंपनी ने अदालत में तर्क दिया कि मृतक एम ज़ेवियर की यौन गतिविधि (सेक्स) काम का हिस्सा नहीं थी। इसके अलावा चूंकि उस जेवियर की मौत एक अलग होटल में हुई थी, उसके लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि उसे हमने दूसरा होटल दिया था।

    हालांकि, कोर्ट ने कंपनी के तर्क को नहीं माना और कहा कि शख्स के परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए।

    कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बिजनेस ट्रिप पर किसी भी कर्मचारी को 'अपने मिशन की पूरी अवधि' के लिए सुरक्षा मिलनी चाहिए। पेरिस अदालत ने तर्क दिया कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुर्घटना व्यापार यात्रा के दौरान कोई काम के वक्त या व्यक्तिगत समय पर होती है, जब तक कि किसी नियोक्ता किसी कर्मचारी को व्यक्तिगत कारणों के लिए "अपने मिशन को बाधित" करने का सबूत नहीं देता। अदालत ने यह भी कहा कि यौन क्रिया "रोज़मर्रा की जिंदगी का मामला है, जैसे शॉवर या भोजन लेना।"

     

    और भी...

  • PAK पीएम इमरान खान का कबूलनामा, 1980 में किया जेहादियों को तैयार और इस देश ने की थी मदद

    PAK पीएम इमरान खान का कबूलनामा, 1980 में किया जेहादियों को तैयार और इस देश ने की थी मदद

     

    प्रधानमंत्री इमरान खान एक के बाद एक पाकिस्‍तान की नापाक करतूतों को कबूल कर रहे हैं। इमरान खान ने अब कबूल किया है कि 1980 में अफगानिस्‍तान में रूस के खिलाफ लड़ने के लिए पाकिस्‍तान ने जेहादियों को तैयार किया था। उन्‍हें ट्रेनिंग दी गई थी।

    एक इंटरव्‍यू में इमरान खान ने यह कबूल किया है। इस इंटरव्‍यू में इमरान अमेरिका पर भी भड़के। उन्‍होंने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि शीतयुद्ध के उस दौर में रूस के खिलाफ पाकिस्‍तान ने अमेरिका की मदद की थी। जेहादियों को रूसियों के खिलाफ लड़ने के लिए ट्रेनिंग दी थी, लेकिन इसके बावजूद अब अमेरिका, पाकिस्‍तान पर आरोप लगा रहा है। पाकिस्‍तान पर अब आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लग रहा है।

    इमरान खान ने बताया कि 1980 के दशक में पाकिस्तान मुजाहिद्दीन लोगों को ट्रेनिंग दे रहा था, ताकि जब सोवियत यूनियन, अफगानिस्तान पर कब्जा करेगा तो वो उनके खिलाफ जेहाद का एलान कर देंगा। इन लोगों को ट्रेनिंग देने के लिए पाकिस्तान को पैसा अमेरिका की एजेंसी सीआइए द्वारा दिया गया था। हालांकि, अमेरिका का नजरिया एक दशक बाद बिल्‍कुल बदल गया। अमेरिका, अफगानिस्तान में आया तो उसने उन्हीं समूहों को जो पाकिस्तान में थे, जेहादी से आतंकवादी होने का नाम दे दिया। अब इसे क्‍या कहा जा सकता है।

    इससे पहले, जुलाई में संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया था कि उनके देश में अभी भी 30,000 से 40,000 आतंकवादी मौजूद हैं। जिन्हें अफगानिस्तान और कश्मीर के हिस्सों में ट्रेनिंग दी गई।

    और भी...

  • कुलभूषण जाधव को दूसरी बार काउंसलर एक्सेस देने से पाकिस्तान से किया इंकार

    कुलभूषण जाधव को दूसरी बार काउंसलर एक्सेस देने से पाकिस्तान से किया इंकार

     

    पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को दूसरी बार काउंसलर एक्सेस देने से इनकार कर दिया है। इसके बारे में पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल ने कहा कि कुलभूषण जाधव को दूसरी बार काउंसलर एक्सेस नहीं मिलेगा। बता दें कि हाल में ही जाधव से भारत के उप-उचायुक्त गौरव आहलूवालिया ने मुलाकात की थी।

    यह मुलाकात हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायलय के उस आदेश के बाद हुई थी जिसमें अदालत ने जाधव के फांसी पर रोक लगाते हुए उन्हें कॉन्सुलर एक्सेस देने की बात कही थी। ये कोई पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को राजनयिक पहुंच देने से मना किया है। इससे पहले भी कई मौकों पर पाकिस्तान जाधव को काउंसलर एक्सेस देने से इनकार करता रहा है।

    वहीं, अंतरराष्ट्रीय अदालत में सुनवाई के दौरान पाकिस्तान ने कहा था कि वह कुलभूषण जाधव को सशर्त काउंसलर मदद देने को तैयार है। गौरतलब है कि 49 वर्षीय जाधव को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने अप्रैल, 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। उसके बाद भारत ने आईसीजे पहुंचकर उनकी मौत की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी और भारत को कामयाबी भी मिली थी।

    और भी...

  • चंद्रयान-2: लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिश जारी, NASA ने भी किया अब ये काम

    चंद्रयान-2: लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिश जारी, NASA ने भी किया अब ये काम

     

    चांद की सतह से महज 2 किलोमीटर दूर राह भटके चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिश जारी है। इसरो चांद की सतह पर  पड़े विक्रम से संपर्क करने की आखिरी कोशिश में लगा हुआ है। दूसरी तरफ अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने भी विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश में हेलो मेसेज भेजा है। बता दें कि 7 सितंबर को लैंडर विक्रम हार्ड लैंडिंग के बाद चांद की सतह पर गिर गया था।

    नासा ने अपने डीप स्पेस नेटवर्क के जेट प्रपल्शन लैब्रटरी (JPL) की प्रयोगशाला से विक्रम को एक रेडियो संदेश भेजा है। हालांकि, दिन बीतने के साथ लैंडर विक्रम से संपर्क होने की उम्मीदें कमजोर होती जा रही हैं। इसरो के प्री-लॉन्च अनुमान के मुताबिक, विक्रम को सिर्फ एक ल्यूनर डे के लिए ही सीधी सूरज की रोशनी मिलेगी। इसका मतलब है कि 14 दिन तक ही विक्रम को सूरज की रोशनी मिलेगी।

    ऐसे में इसरो इन 14 दिन तक अपनी कोशिश जारी रख सकता है। यदि इसरो को इस बात की जानकारी भी मिल जाए कि इसके कम्युनिकेशन इक्विपमेंट क्षतिग्रस्त हो चुके हैं तो 14 दिने से पहले भी संपर्क की कोशिश खत्म कर सकता है। 14 दिन के बाद एक लंबी काली रात होगी। यदि लैंडर ने सॉफ्ट लैंडिंग की होती तो भी इस अंधेरी रात में बचे रह पाना उसके लिए मुश्किल होता। विक्रम को चांद की सतह पर हार्ड लैंडिंग किए हुए 6 दिन गुजर चुके हैं। ऐसे में 20-21 सितंबर तक अगर उससे संपर्क नहीं हो पाया तो फिर उससे संपर्क की कोशिश खत्म हो जाएगी।

    और भी...

  • लद्दाख क्षेत्र में भारत-चीन के सैनिकों में कल हुआ टकराव, पेट्रोलिंग को लेकर हुई धक्कामुकी

    लद्दाख क्षेत्र में भारत-चीन के सैनिकों में कल हुआ टकराव, पेट्रोलिंग को लेकर हुई धक्कामुकी

     

    जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आ गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को भारतीय सैनिक पेनगॉन्ग लेक के उत्तरी हिस्से में पेट्रोलिंग पर निकले थे, जिसका चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने विरोध किया।

    भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा है कि हमारे जवान भारतीय सीमा में थे। इसलिए चीन की आपत्ति के बाद भी वहां डटे रहे। चीन लगातार लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल का उल्लंघन करता रहा है। उसके सैनिकों ने पिछले साल जुलाई में लद्दाख के उत्तरी हिस्से में घुसपैठ कर तंबू लगा दिए थे।

    सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि पेनगॉन्ग लेक का काफी हिस्सा विवादित है। इसका दो तिहाई हिस्सा चीन के कब्जे वाले तिब्बत में है। बाकी भारतीय सीमा में है। इस झील की सीमा की लंबाई करीब 134 किलोमीटर है। चीन को झील के उत्तरी हिस्से में भारतीय जवानों की मौजूदगी पर ऐतराज है। चीन सेना के विरोध करने पर भी हमारे जवान वहां डटे रहे, क्योंकि वे भारतीय सीमा में थे। दोनों सेनाओं के बीच मौजूदा तनाव को कम करने के लिए ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारियों की फ्लैग मीटिंग बुलाई गई है।

    \

     

    और भी...

  • आतंकवाद पर पाक का बड़ा कबूलनामा, माना देश में है आतंकी

    आतंकवाद पर पाक का बड़ा कबूलनामा, माना देश में है आतंकी

     

    भारत कई बार दुनिया के अलग अलग मंच पर पाकिस्तान के आतंक की पनाहगाह होने की बात उठा चुका है। भारत ने बताया है कि कैसे पाकिस्तान दुनिया के खूंखार आतंकियों को अपने यहां शरण देता है और उनसे दहशतगर्दी करवाता है। लेकिन अब आपको जानकर हैरानी होगी कि पाकिस्तान ने खुद यह बात कुबूल कर ली है।

    पाकिस्तान के गृह मंत्री एजाज अहमद शाह ने माना है कि पाकिस्तान में जेहादी यानी आतंकी मौजूद हैं। एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बात करते हुए एजाज अहमद शाह ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की बात करते माना कि ये वही आतंकी हैं जो कभी अफगानिस्तान में लड़ते थे। हालांकि इस बातचीत में पाकिस्तान के गृह मंत्री बार बार ये दावा करते दिखे कि उनकी सरकार पाकिस्तान को आतंकियों से मुक्त करने के लिए कदम उठा रही है और ऐसे संगठनों पर कार्रवाई हो रही है। चर्चा के दौरान जब उनसे पूछा गया कि जैश ए मोहम्मद पर क्या कार्रवाई की तो एक भी कार्रवाई नहीं गिना पाए।

    आतंकियों और आतंकी संगठनों पर कार्रवाई का पाकिस्तान का दावा हमेशा खोखला रहा है। सच ये है कि पाकिस्तान आतंकियों को पालता है और उनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ करता है, पाकिस्तान के गृह मंत्री आतंकियों की मौजूदगी का जो सच कबूल कर रहे हैं यही बात कल पीएम मोदी ने मथुरा में भी कही थी।

    और भी...

  • 9/11 Terror Attack: सबसे बड़े आतंकी हमले की 18वीं बरसी आज, एक झटके में हुई थी 3 हजार लोगों की मौत

    9/11 Terror Attack: सबसे बड़े आतंकी हमले की 18वीं बरसी आज, एक झटके में हुई थी 3 हजार लोगों की मौत

     

    11 सितंबर, 2001 आज ही के दिन 18 साल पहले अमेरिका उस त्रासदी से रूबरू हुआ, जिसकी कल्पना भी उसने कभी नहीं की थी। अमेरिका में सबसे खतरनाक आंतकी हमला आज ही के दिन हुआ था और न्यूयॉर्क की नाक कही जाने वाली इमारत वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पलभर में राख हो गई। अल कायदा के आतंकी हमले में सैकड़ों बेगुनाह अमेरिकी नागरिकों की जान चली गई। अमेरिका ने इन हमलों के तुरंत बाद अलकायदा के मुखिया ओसामा बिन लादेन को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए 2.5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था।

    11 सितंबर 2001 को आतंकी संगठन अलकायदा के आतंकियों ने 4 यात्री विमान अगुआ कर लिए थे और इसके बाद चार में से दो विमान न्यूयॉर्क शहर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकरा गए। तीसरा पेंटागन पर और चौथा विमान जंगल में गिरा दिया गया। सुबह 8:46 बजे, अमेरिकी एयरलाइंस की फ्लाइट 11 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ टॉवर और दूसरा विमान 9:03 बजे साउथ टॉवर से टकराया। जब विमान ट्रेड सेंटर से टकराया तो विमान में सवार यात्रियों सहित 2974 लोग मारे गए और करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ।

    मरने वालों में 343 फायर विभाग और 60 पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। वहीं इस घटना को अंजाम देने वाले 19 आतंकियों की भी मौत हुई। मरने वाले लोगों में 70 अलग-अलग देशों के नागरिक थे। इस खौफनाक हमले को अंजाम देने वाले अल कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन के 19 हाइजैकर्स में से 15 सऊदी अरब के थे और बाकी यूएई, इजिप्‍ट और लेबनान के रहने वाले थे। बाद में जांच में सामने आया कि 9/11 का मास्टर माइंड खालिद शेख मोहम्मद था। वह ओसामा बिन लादेन का काफी खास साथी था. इस हमले की तैयारी साल 1996 से ही शुरू हो गई थी।

    अलकायदा के आतंकी हमले में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से अलग-अलग तरह का लगभग 18 लाख टन मलबा निकला था। इस मलबे को यहां से हटाने में ही 9 माह का समय लगा था। इस आतंकी हमले के बाद अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने ओसामा बिन लादेन को मारने की ठान ली थी, उसके लिए वो लगातार उसके पीछे पड़े रहे। उसके ठिकानों की तलाश करते रहे, आखिर में ओसामा के आवाज के सैंपल से मेल खाती आवाज से खुफिया एजेंसियों को ओसामा के बारे में इनपुट मिला, 2 मई 2011 में पाकिस्तान में छुपे इस आतंकी को अमेरिकी सेना ने मार गिराया।

    और भी...

  • UNHRC में भारत ने पाक की कश्मीर मुद्दे पर जांच की मांग को किया खारिज, कहा ये भारत का आंतरिक मामला

    UNHRC में भारत ने पाक की कश्मीर मुद्दे पर जांच की मांग को किया खारिज, कहा ये भारत का आंतरिक मामला

     

    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने कश्मीर पर पाकिस्तान की मांग खारिज कर दी है। भारत ने पाकिस्तान के आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि जो देश आतंकवाद का केंद्र है, वह भारत को मानवाधिकार का पाठ न पढ़ाए। संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिनिधि ने विजय ठाकुर सिंह ने कहा कि कश्मीर पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है।

    भारत ने यूएनएचआरसी में कहा है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला जनसमर्थन से लिया गया। भारत लंबे समय से सीमापार के आतंकवाद का पीड़ित रहा है, पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है। पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक थी। भारत ने कहा कि वह अपने राज्य में किए गए पुनर्गठन पर वहां को लोगों के साथ भेदभाव खत्म होगा।

    भारत की प्रतिनिधि ने विजय ठाकुर सिंह ने कहा, भारत के आंतरिक मामले में कोई देश हस्तक्षेप नहीं कर सकता। दिक्कतों के बावजूद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जरूरी सामानों की आपूर्ति जारी रखी है। प्रतिबंधों में भी धीरे-धीरे छूट दी जा रही है। भारत ने पाकिस्तान की कश्मीर मुद्दे पर यूएनएचआरसी की जांच की उसकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया। 

     

    और भी...

  • इमरान खान की पार्टी के पूर्व विधायक ने की भारत में राजनीतिक शरण की मांग, बताई ये वजह

    इमरान खान की पार्टी के पूर्व विधायक ने की भारत में राजनीतिक शरण की मांग, बताई ये वजह

     

    पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की बदतर हालत का एक और सबूत सामने आया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के पूर्व विधायक बलदेव कुमार को अपने परिवार समेत जान बचाकर भारत में आना पड़ा। उन्होंने भारत में राजनीतिक शरण की मांग की है।

    बता दें कि बलदेव पिछले महीने खन्ना पहुंचे। इसके कुछ महीने पहले उन्होंने अपने परिवार को पहले ही यहां भेज दिया था। बलदेव अब वापस नहीं लौटना चाहते। वह भारत में शरण के लिए जल्द ही आवेदन करेंगे। बलदेव का कहना है कि अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान में अत्याचार हो रहे हैं। हिंदू और सिख नेताओं की हत्याएं की जा रही हैं।

    बलदेव कुमार सिंह ने कहा कि इमरान खान अपने वादों पर खरे नहीं उतरे हैं, मैं वहां सुरक्षित नहीं था। सिर्फ मुझपर नहीं बल्कि सभी हिंदू और सिखों पर भी वहां खतरा बना हुआ है। जब मेरे ऊपर अत्याचार बढ़ने लगा तो मैं वापस भारत आ गया। उन्होंने कहा, '' भारत सरकार को एक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए ताकि जो सिख और हिन्दू परिवार वहां रह रहे हैं वो भारत आए। मैं चाहता हूं कि मोदी सरकार कुछ करे, अल्पसंख्यकों को वहां प्रताड़ित किया जा रहा है।

    बता दें कि साल 2016 में उनके विधानसभा क्षेत्र के सिटिंग विधायक की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए गए और उन्हें 2 साल जेल में रखा गया। वह इस मामले में 2018 में बरी हुए।

    और भी...

  • डोनाल्ड ट्रंप ने दिया बड़ा बयान, कहा भारत और पाक के बीच तनाव हुआ कम, अगर दोनों देश चाहे तो मैं...

    डोनाल्ड ट्रंप ने दिया बड़ा बयान, कहा भारत और पाक के बीच तनाव हुआ कम, अगर दोनों देश चाहे तो मैं...

     

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के मौजूदा रिश्ते को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बीते दो सप्ताह में दोनों देशों के बीच का माहौल पहले की तुलना में थोड़ा ठंडा जरूर हुआ है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान दो सप्ताह पहले पीएम मोदी से की मुलाकात के बाद आया है। दोनों नेता G-7 की बैठक के दौरान मिले थे।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सबको पता है कि भारत औऱ पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर शुरू से ही विवाद है। मुझे लगता है कि दो सप्ताह पहले की तुलना में माहौल अब ठीक है। उन्होंने कहा कि मेरी दोनों ही देश से बात हुई है। अगर दोनों देश चाहें तो मैं उनकी मदद कर सकता हूं। डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कही।

    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर विवाद के निपटारे के लिए दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बनने की बात भी कही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी। भारत सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस चौंकाने वाले दावे से इनकार किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें कश्मीर पर मध्यस्थता करने के लिए कहा था।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया था कि हमने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रेस को दिये उस बयान को देखा है जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि भारत और पाकिस्तान अनुरोध करते हैं तो वह कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है।

     

     

    और भी...

  • Pak में जबर्दस्त आर्थिक संकट, ले रहा बेली डांस का सहारा

    Pak में जबर्दस्त आर्थिक संकट, ले रहा बेली डांस का सहारा

     

    इस वक्त जबर्दस्त आर्थिक संकट का सामना कर रहा पाकिस्तान दुनिया की के कई मुल्कों के सामने हाथ पसारने पर मजबूर है। अर्थव्यवस्था की हालत ऐसी है कि कभी IMF से एक पैसा न लेने की बात कहने वाले इमरान खान आज वहां हाथ फैलाए खड़े हैं। ऐसे वक्त में जब पाकिस्तान को ठोस आर्थिक नीतियों की जरूरत तो उसपर ध्यान देने की वजाए वह बेली डांस का सहारा ले रहा है।

    दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो जबदरस्त तौर पर शेयर की जा रही है। यह वीडियो पाकिस्तान की सरहद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इडस्ट्री (SCCI) पेशावर द्वारा अजरबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित एक कार्यक्रम की है।

    सरहद चैम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा 4 से 8 सितंबर तक आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद विदेशी निवेशकों को लुभाने का था। इस कार्यक्रम में अन्य गतिविधियों के अलावा बेली डांस का आयोजन भी किया गया था। बेली डांस का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो वायरल होते ही पाकिस्तान सरकार की जबरदस्त तरीके से आलोचना होने लगी।

    और भी...

  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ऐलान, तालिबान से बैठक और शांति समझौता रद्द

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ऐलान, तालिबान से बैठक और शांति समझौता रद्द

     

    अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने तालिबान लीडर्स के साथ अपनी सीक्रेट मीटिंग रद्द कर दी है। यह मीटिंग कैंप डेविड में रविवार को तालिबान लीडर्स और अफगान के राष्ट्रपति से होनी थी। पिछले हफ्ते काबुल में तालिबान के एक हमले के बाद ट्रंप ने मीटिंग रद्द की है।

    ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा,  वे आज रात अमेरिका आ रहे थे। दुर्भाग्य से झूठी दिलासा देने के लिए, उन्होंने काबुल में उस हमले में अपना शामिल होना कबूल किया है जिसमें हमारे महान सैनिक और अन्य 11 लोग मारे गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'मैंने तुरंत मीटिंग रद्द कर दी और शांति वार्ता को स्थगित कर दिया है।

    अमेरिका और तालिबान के बीच सैद्धांतिक रूप से इस बात को लेकर सहमति बन गई थी कि अमेरिका अफगानिस्तान से अपनी फौज वापस बुला लेगा। इसके बावजूद काबुल में घातक हमलों की संख्या बढ़ गई है। इससे अमेरिका के राष्ट्रपति चिढ़ गए हैं और उन्होंने तालिबान के साथ फिलहाल अपनी बातचीत बंद कर दी है।

    बता दें कि पिछले गुरुवार को तालिबान के एक फिदायीन ने कार बम से विस्फोट कर दिया जिसमें अमेरिका और रोमानिया के एक-एक सैनिक की मौत हो गई और अफगानिस्तान के कम से कम 10 आम लोगों की जान चली गई थी। इस राजनयिक क्षेत्र में अमेरिकी दूतावास भी है। पिछले हफ्ते यह दूसरा हमला था। अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के दौरान यह विस्फोट हुआ था।

    और भी...