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  • दिल्ली: JNU में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अपमान, लिखी अभद्र टिप्पणियां

    दिल्ली: JNU में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अपमान, लिखी अभद्र टिप्पणियां

     

    लंबे प्रदर्शन के बाद मांगे माने जाने के बावजूद जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। छात्रों ने गुरुवार को फिर प्रशासनिक भवन में घुसकर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने हॉस्टल फीस बढ़ोतरी को पूरी तरह वापस लेने की मांग की और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के नीचे अभद्र टिप्पणियां भी की।

    JNU के कुलपति एम जगदीश कुमार से छात्रावास फीस वृद्धि को लेकर बुधवार को उनसे बातचीत के लिए पहुंचे विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ब्लॉक में उनके खिलाफ दीवारों पर जगह- जगह नारे लिख दिए। शाम तक फीस में वृद्धि आंशिक रूप से वापस ले ली गयी और जेएनयू प्रशासन ने कहा कि छात्रावास नियमावली मसविदा से ड्रेस कोड और आने जाने के समय से जुड़े उपबंध भी हटा दिये गये हैं।

    दिन में जेएनयूएसयू की अगुवाई में सैंकड़ों विद्यार्थी कुलपति से बात करने के लिए प्रशासनिक ब्लॉक में घुस गये और बिल्डिंग में उनके एवं अन्य अधिकारियों के नहीं मिलने पर उन्होंने उनके कार्यालय के समीप की दीवारों पर कई बातें लिख दीं।

    उन्होंने कुलपति के कार्यालय के दरवाजों पर लिखा, ‘‘आप हमारे कुलपति नहीं हैं, आप अपने संघ में लौट जाइए।”

    एक अन्य संदेश में लिखा था, ‘मामिदाला, बाय, बाय फोरएवर।’’

    दीवारों पर यह भी लिखा था, ‘‘नजीब को वापस लाइए।’’

    घड़ी पर लिख दिया गया, ‘‘ टाईम फोर रिवोल्यूशन।’’

    जेएनयू से स्नातोकोत्तर (जैव प्रौद्योगिकी) के प्रथम वर्ष का छात्र नजीब अहमद 15 अक्टूबर, 2016 को संदिग्ध स्थितियों में लापता हो गया था। उसका अबतक पता नहीं चला। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘देखिए, वे क्या कर रहे हैं? उन्हें कुछ सम्मान तो दिखाना चाहिए।’’ 

     

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  • राफेल डील पर SC के फैसले के बाद, बीजेपी का राहुल गांधी पर वार कहा- देश से मांगे माफी

    राफेल डील पर SC के फैसले के बाद, बीजेपी का राहुल गांधी पर वार कहा- देश से मांगे माफी

     

    राफेल डील पर दाखिल सभी पुनर्विचार याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट की ओर से खारिज किए जाने के बाद बीजेपी ने खुशी जाहिर की है। बीजेपी ने कहा कि सत्य की जीत हुई है, यह मोदी सरकार की बड़ी जीत है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।

    बता दें, भारतीय वायुसेना के लिये फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे के मामले में दिसंबर, 2018 के अपने निर्णय पर पुनर्विचार के लिये दायर याचिकायें गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राहुल गांधी पर निशाना साधा।

    केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश से माफी मांगे, जनता ने जीप से लेकर अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला देखा। जिनके पूरे हाथ भ्रष्टाचार से भरे है वो अपनी राजनीति को प्रायोजित झूठ से बढ़ा रहे थे। 14 दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट का फैसला था कि सोच के आधार पर कोर्ट का फैसला नहीं हो सकता।

    उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पहले देश मे प्रायोजित कार्यक्रम चलाया गया. कोर्ट में हारने के बाद लोकसभा चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनाया और राहुल गांधी ने कहा कि कोर्ट ने लोकप्रिय नेता को चोर कहा है। कोर्ट ने आज अपने फैसले में राहुल गांधी को कहा कि आप सावधानी बरतें और आपने माफी मांगी है इसलिए छोड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हमेशा कहा है कि राफेल की गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं है।

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  • सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाओं को किया खारिज

    सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाओं को किया खारिज

     

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राफेल मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने 14 दिसंबर 2018 को सुनाए गए फैसले को बरकरार रखा। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि हमें इस मामले में एफआईआर का आदेश देने या जांच बैठाने की जरूरत महसूस नहीं हुई।

    शीर्ष अदालत ने पिछले साल के फैसले में राफेल डील को तय प्रक्रिया के तहत बताया था और सरकार को क्लीनचिट दी थी। कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के बाद 10 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। वकील प्रशांत भूषण, पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी समेत अन्य ने राफेल डील में भ्रष्टाचार जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।

    13 मई को केंद्र सरकार ने राफेल से जुड़े दस्तावेज लीक होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था। इसमें केंद्र ने दलील दी कि राफेल मामले में जिन दस्तावेजों को आधार बनाकर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है, वे भारतीय सुरक्षा के लिए काफी संवेदनशील हैं। इनके सार्वजनिक होने से देश की सुरक्षा खतरे में पड़ी है। केंद्र ने कहा याचिकाकर्ता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, प्रशांत भूषण संवेदनशील जानकारी लीक करने के दोषी हैं। याचिकाकर्ताओं ने याचिका के साथ जो दस्तावेज लगाए हैं वे प्रसारित हुए हैं, जो अब देश के दुश्मन और विरोधियों के लिए भी मौजूद हैं।

    राफेल फाइटर जेट डील भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच सितंबर 2016 में हुई। इसके तहत भारतीय वायुसेना को 36 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान मिलेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सौदा करीब 58,000 करोड़ रुपए का है।

     

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  • मानहानि केस में राहुल गांधी की माफी मंजूर, नहीं चलेगा अवमानना का केस

    मानहानि केस में राहुल गांधी की माफी मंजूर, नहीं चलेगा अवमानना का केस

     

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का मामला बंद हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी का माफीनामा स्वीकार कर लिया और इसके बाद मामला बंद कर दिया। मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को चेतावनी दी और कहा कि राजनीतिक बयानबाजी में कोर्ट को न घसीटें। SC ने राहुल गांधी को भविष्य में और सतर्क रहने को भी कहा।

    सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ राफेल मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में चौकीदार चोर है टिप्पणी के लिए लंबित अवमानना मामले में सुनवाई की और फैसला सुनाया। आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राफेल मामले में न्यायालय के 14 दिसंबर, 2018 के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका के समर्थन में चुनिन्दा दस्तावेज की स्वीकार्यता पर केन्द्र की प्रारंभिक आपत्तियां अस्वीकार करने के शीर्ष अदालत के फैसले के बाद दस अप्रैल को ये टिप्पणी की थी।

    प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही के लिये लंबित इस मामले पर 10 मई को सुनवाई पूरी की थी। पीठ ने कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा। राहुल गांधी ने 8 मई को राफेल फैसले में चौकीदार चोर है की टिप्पणी शीर्ष अदालत के हवाले से कहने के लिये पीठ से बिना शर्त माफी मांग ली थी। 

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  • अमित शाह ने महाराष्ट्र की सियासी उठापटक पर तोड़ी अपनी चुप्पी, कहा विपक्ष कर रहा कोरी राजनीति

    अमित शाह ने महाराष्ट्र की सियासी उठापटक पर तोड़ी अपनी चुप्पी, कहा विपक्ष कर रहा कोरी राजनीति

     

    गृहमंत्री अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को पहली बार महाराष्ट्र के सियासी उठापटक पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि शिवसेना की कुछ मांगें ऐसी थीं जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। न्यूज एजेंसी ANI के इंटरव्यू में अमित शाह ने बताया कि आखिर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगना क्यों जरूरी था। इतना ही नहीं उन्होंने कहा, चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैंने सार्वजनिक रूप से कई बार कहा था कि अगर गठबंधन जीतता है तो देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री होंगे। किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई।

    अब वे नई मांगों के साथ आए हैं जो हमारे लिए स्वीकार्य नहीं हैं। अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लगना इसलिए जरूरी था कि ऐसा आरोप लग सकता था कि भारतीय जनता पार्टी की टेंपरेरी सरकार चल रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी, आज भी राज्यपाल से सरकार बनाने के लिए संपर्क कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष कोरी राजनीति कर रहा है। यह लोकतंत्र के लिए स्वस्थ परंपरा नहीं है।

    जिन्हें मौका चाहिए उनके पास आज भी मौका है। उल्टा जो दो दिन मांगते थे, उन्हें छह महीने का समय दे दिया गया। राज्यपाल महोदय ने सबको छह महीने का समय दे दिया है सरकार बनाने का, उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि राज्यपाल महोदय ने उचित काम किया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति शासन आने से अगर किसी का नुकसान हुआ है तो वह भारतीय जनता पार्टी का हुआ है, क्योंकि हमारी केयरटेकर सरकार चली गई है। नुकसान विपक्ष का नहीं हुआ है। अगर वो चाहते हैं कि इस प्रकार की भ्रांति पैदा करके देश की जनता की हमदर्दी पाए तो मुझे लगता है कि इस देश की जनता की समझ पर उनको भरोसा नहीं है।

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  • देशभर में मनाया जा रहा बाल दिवस, जानिए आखिर क्यो और कब से मनाया जा रहा है बाल दिवस

    देशभर में मनाया जा रहा बाल दिवस, जानिए आखिर क्यो और कब से मनाया जा रहा है बाल दिवस

     

    हर साल पूरे भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस यानि चिल्ड्रेंस डे मनाया जाता है। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जंयती को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। पंडित नेहरू बच्चों से बेहद प्यार करते थे इसलिए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में चुना गया।

    इस दिन बच्चों के अधिकार, देखभाल और शिक्षा के बारे में लोगों को जागरुक किया जाता है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ भारत में ही बाल दिवस मनाया जाता है। बाल दिवस दुनिया भर में अलग अलग तारीखों पर मनाया जाता है। पंडित नेहरू ने भारत की आजादी के बाद बच्चों की शिक्षा, प्रगति और कल्याण के लिए बहुत काम किया। उन्होंने विभिन्न शैक्षिक संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान की स्थापना की थी।

    भारत में हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। 27 मई 1964 को पंडित जवाहर लाल नेहरु के निधन के बाद बच्चों के प्रति उनके प्यार को देखते हुए सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि अब से हर साल 14 नवंबर को चाचा नेहरू के जन्मदिवस पर बाल दिवस मनाया जाएगा।

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  • सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा सबरीमाला और राफेल सौदे की पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला

    सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा सबरीमाला और राफेल सौदे की पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला

     

    सबरीमाला और राफेल सौदे पर दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा। सीजेआई रंजन गोगोई की नेतृत्व वाली पीठ इन दोनों अहम मामलों पर फैसला सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले साल 28 सितंबर को सबरीमाला मंदिर में सभी आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने वाले फैसले पर दोबारा विचार की मांग वाली 65 पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल हुईं थीं।

    धार्मिक संगठनों ने शीर्ष कोर्ट के फैसले को वर्षों से चली आ रही परंपरा का उल्लंघन करार देते हुए विरोध जताया था। सीजेआई के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय पीठ बृहस्पतिवार को इन याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगी। पीठ ने इस साल छह फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शीर्ष कोर्ट ने 4:1 के मत से 28 सितंबर को 10 से 50 साल तक की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध को खत्म कर दिया था।

    वहीं 58 हजार करोड़ रुपये के 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद मामले में मोदी सरकार को क्लीन चिट देने वाले फैसले के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ फैसला सुनाएगी।

    इन याचिकाओं में कुछ पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण की याचिकाएं भी हैं। याचिका में राफेल सौदे की एसआईटी से जांच कराने की मांग की गई थी जिसे शीर्ष कोर्ट ने पिछले साल 14 दिसंबर को खारिज कर दिया था। उसके बाद कुछ और तथ्यों के साथ पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर दिया। शीर्ष कोर्ट ने 10 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इस पीठ में जस्टिस एसके कॉल और जस्टिस केएम जोसेफ भी शामिल हैं।

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  • सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, RTI के दायरे में आयेगा चीफ जस्टिस ऑफिस

    सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, RTI के दायरे में आयेगा चीफ जस्टिस ऑफिस

     

    सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आज एतिहासिक फैसला देते हुए कहा कि कुछ शर्तों के साथ भारत के मुख्य न्यायधीश का ऑफिर सूचना के अधिकार के दायरे में आएगा। कोर्ट ने कहा कि सीजेआई का दफ्तर पब्लिक ऑफिस है। वह सूचना के अधिकार के तहत आता है और 2010 का हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा जाता है।

    चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने यह फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सूचना देने से न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होती लेकिन कुछ सूचनाओं की निजता और गोपनीयता का ध्यान रखा जाना चाहिए।

    सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक छोर ने चीफ जस्टिस के दफ्तर को आटीआइ के दायरे में घोषित करने और सूचना देने के दिल्ली हाईकोर्ट और सीआईसी के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट और सीआइसी ने कहा था कि मुख्य न्यायाधीश का दफ्तर पब्लिक अथारिटी माना जाएगा और सूचना का अधिकार कानून उस पर लागू होगा।

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआत में ही अपील पर सुनवाई करते हुए सूचना देने के हाईकोर्ट और सीआइसी के आदेश पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से पक्ष रखते हुए अटार्नी जनरल ने दलील दी थी कि सीजेआइ दफ्तर में आरटीआइ लागू करने से न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। उनका कहना था कि कोलीजियम की कार्यवाही और जजों की नियुक्ति से संबंधित सूचना सार्वजनिक करना जनहित में नहीं है।

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  • केजरीवाल का बयान, कहा जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है ऑड इवन

    केजरीवाल का बयान, कहा जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है ऑड इवन

     

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑड ईवन योजना को बढ़ाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज कहा कि प्रदूषण की स्थिति का जायज़ा लिया जा रहा है, जरूरत पड़ने पर ऑड इवन बढ़ाया जा सकता है। प्रदूषण पर नियंत्र के लिए दिल्ली सरकार ने वाहनों पर ऑड-ईवन योजना लॉन्च की थी जो 15 नवंबर को खत्म होने वाली थी।

    मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि प्रदूषण की स्थिति का जायज़ा लिया जा रहा है, जरूरत पड़ने पर ऑड ईवन बढ़ाया जा सकता है। केजरीवाल ने दिल्ली में हो रहे प्रदूषण को लेकर एक बार फिर पड़ोसी राज्यों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हम सब देख रहे हैं कि दिल्ली में प्रदूषण 10 अक्टूबर से पराली जलने की वजह से आया। पिछले दिनों पंजाब, हरियाणा में बारिश की वजह से दिल्ली में धुआं कम हो गया था। सुप्रीम कोर्ट के सख्ती के आदेश को नहीं माना जा रहा है।

    केजरीवाल ने कहा, पिछले कई दिनों में एक्सपर्ट से मिला हूं, पराली को सीएनजी में कन्वर्ट कर सकते हैं। करनाल में एक प्रोजेक्ट का फाउंडेशन रखा गया है। मैंने कहा है कि वहां जितनी सीएनसी बनेगी हम सब खरीदने को तैयार हैं। आखिर क्यों पंजाब और हरियाणा सरकार इसे प्रमोट नहीं करती है।

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  • महाराष्ट्र: शिवसेना, NCP-कांग्रेस ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के लिए बनाई कमेटी, क्या ऐसे बनेगी सरकार!

    महाराष्ट्र: शिवसेना, NCP-कांग्रेस ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के लिए बनाई कमेटी, क्या ऐसे बनेगी सरकार!

     

    महाराष्ट्र में सरकार कैसे बनेगी। सबकी नजरें इसी बात पर लगी हुई है और अब शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच सरकार गठन को लेकर नई बात सामने आ रही है। खबर है कि राज्य में सरकार गठन को लेकर तीनों ही राजनीतिक दलों के पांच-पांच सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है जो इस गठबंधन सरकार के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को फाइनल करेगी।

    एनसीपी नेता अजित पवार ने मीडिया को बताया, राज्य में राष्ट्रपति शासन के बाद एनसीपी का रोल क्या करेगा इस बारे में शरद पवार ने हमें गाइडेंस दी। कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना की 5-5 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। जो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को फाइनल करेगी। अजित पवार, जयंत पाटिल, धनंजय मुंडे, नवाब मलिक और छगन भुजबल एनसीपी की तरफ से इस कमेटी के सदस्य होंगे।

    अजित पवार ने यह भी कहा कि हमारे और कांग्रेस के बीच में तो बहुत जल्दी निर्णय ले लिया जाएगा। वहीं खबर है कि कांग्रेस की तरफ से इस कमेटी में बालासाहेब थोरात, अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण, विजय वड्डेटीवार और माणिकराव ठाकरे शामिल होंगे।

    अजित पवार ने कहा, कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर जहां तक शिवसेना का सवाल है, तो हम पहले अपने गठबंधन के साथी कांग्रेस से इस बारे में पूछेंगे, क्योंकि कांग्रेस और हमारा तो एक ही मेनिफेस्टो था। शिवसेना का घोषणा पत्र अलग था, तो हमें पहले कांग्रेस के साथ समझदारी बनानी है फिर हम शिवसेना के साथ भी बातचीत करेंगे।

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  • कर्नाटक: JDS-कांग्रेस के 17 अयोग्य विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, लड़ सकेंगे उपचुनाव

    कर्नाटक: JDS-कांग्रेस के 17 अयोग्य विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, लड़ सकेंगे उपचुनाव

     

    कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के 17 अयोग्य विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा कि अयोग्य करार दिए गए 17 विधायक अब चुनाव लड़ सकेंगे। कोर्ट ने फैसला देते वक्त यह भी कहा कि इस्तीफा देने से विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार खत्म नहीं हो जाते हैं।

    अयोग्यता के मामले में विधायकों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अध्यक्ष ने विधायकों की अयोग्यता पर फैसला अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया। इसलिए वह चुनाव लड़ सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों से नैतिकता की उम्मीद होती है, हम हालात को देखकर केस की सुनवाई करते हैं।

    बता दें कि 25 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। कर्नाटक में विधायकों की अयोग्यता के बाद खाली हुई 15 विधानसभा सीटों पर 5 दिसंबर को उपचुनाव होना है। अयोग्य विधायकों ने याचिका में उपचुनाव पर रोक की भी मांग की थी।

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  • यूपीः अयोध्या फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर जारी हैं आपत्तिजनक पोस्ट, 99 गिरफ्तार

    यूपीः अयोध्या फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर जारी हैं आपत्तिजनक पोस्ट, 99 गिरफ्तार

     

    अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बारावफात और कार्तिक पूर्णिमा की चुनौती से सकुशल निपटने के बाद आखिरकार यूपी पुलिस ने मंगलवार को राहत की सांस ली. कानून-व्यवस्था की इस अग्निपरीक्षा में पुलिस का सबसे बड़ा हथियार 'साइबर पेट्रोलिंग' साबित हुआ है. पुलिस ने शुक्रवार रात से अब तक सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले 99 आरोपितों को गिरफ्तार किया है. इनमें छह आरोपितों की गिरफ्तारी मंगलवार को की गई. सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी व फील्ड में पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी अब भी बरकरार है. 

    पुलिस की ओर से यह सभी कार्रवाई अयोध्या राम मंदिर पर फैसले के खिलाफ और पक्ष में किए गए विवादित सोशल मीडिया पोस्ट पर की गई है. इसके अलावा 13 हजार से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कार्रवाई की गई.

    इससे पहले सोमवार तक अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए किए आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में पूरे प्रदेश से 77 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

    लखनऊ पुलिस की ओर से 2 दिन पहले दिए गए बयान में कहा गया कि 34 मामले दर्ज कर लिए गए हैं और 77 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 8275 सोशल मीडिया पोस्ट में से करीब 4563 ऐसे पोस्ट पर कार्रवाई की गई है, जो आपत्तिजनक थे. ये सभी पोस्ट फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर किए गए थे.

    उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने पहले ही बताया था कि मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर पोस्ट पर नजर रखने के लिए राज्य में पहली बार एक इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (ईओसी) की स्थापना की गई है.

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  •  मनोज तिवारी का दावा, दिल्ली में सरकार बनने पर 2 साल में करेंगे प्रदूषण की समस्या खत्म

    मनोज तिवारी का दावा, दिल्ली में सरकार बनने पर 2 साल में करेंगे प्रदूषण की समस्या खत्म

     

    दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि अगर दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनती है तो 2 साल के अंदर यहां से प्रदूषण की समस्या खत्म कर दी जाएगी। बीजेपी नेता ने दिल्ली की आप सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि साल 2015 में दिल्ली में डीटीसी के पास 8 हजार बसें थी जो अब घटकर 3700 हो गई है।

    उन्होंने अरविंद केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में आप ने अधिक बसें दिल्ली में लाने का वादा किया था लेकिन इसके विपरीत बसों की संख्या घट गईं। मनोज तिवारी ने कहा कि बीजेपी कई ऐसी कंपनियों के संपर्क में है जो यहां इलेक्ट्रिक बसें चलाने में रूची रखती हैं। उन्होंने कहा कि संसद के आने वाले मानसून सेशन में अनओथराइज्ड कॉलनी को रेगुलराइज करने के लिए कानून पास किया जाएगा।

    बता दें कि दिल्ली में अगले साल फरवरी के महीने में विधानसभा के चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले दलों ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटें हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में आप सरकार 70 में 67 सीटें जीतने में कामयाब रही थी जबकि बीजेपी को सिर्फ तीन सीटें मिली थीं। कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था।

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  • दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में, स्मॉग की वजह से गाड़ियों की रफ्तार हुई धीमी

    दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में, स्मॉग की वजह से गाड़ियों की रफ्तार हुई धीमी

     

    दिल्ली-एनसीआर में बुधवार की सुबह एक बार फिर प्रदूषण भरे वातावरण के साथ हुई। राजधानी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रहा। दिल्ली के कई इलाकों में सुबह से ही स्मॉग का असर दिखाई दिया। पुरानी दिल्ली के कश्मीरी गेट, यमुना बाजार, तीस हजारी में स्मॉग की वजह से गाड़ियों की रफ्तार धीमी रही।

    वहीं दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और हरियाणा के फरीदाबाद में भी आलम कुछ ऐसा ही रहा। राजधानी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता 467 दर्ज की गई जो कि गंभीर श्रेणी में है। दिल्ली के लोधी रोड में पीएम-10 की मात्रा 303 और पीएम-2.5 का स्तर 406 दर्ज किया गया। वहीं नोएडा की बात करें तो यहां पीएम 10 का स्तर 539 और पीएम 2.5 का लेवल 572 दर्ज किया गया जो की खतरनाक स्तर पर है।

    ग्रेटर नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 458 दर्ज किया गया. यहां पीएम 10 का लेवल 424 और पीएम 2.5 का लेवल 458 रहा। फरीदाबाद में एयर वायु की गुणवत्ता का स्तर 441 रहा जो की खतरनाक श्रेणी में आता है। गुरुग्राम में आलम कुछ ऐसा ही रहा। यहां वायु की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर रही। यहां पीएम 10 का लेवल 407 रहा और पीएम 2.5 का लेवल 511 दर्ज किया गया।

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  • उद्धव ठाकरे का बयान, कहा बीजेपी सरकार बनाने के लिए अभी भी कर रही उनसे संपर्क, लेकिन...

    उद्धव ठाकरे का बयान, कहा बीजेपी सरकार बनाने के लिए अभी भी कर रही उनसे संपर्क, लेकिन...

     

    शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी भाजपा महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए अनाधिकारिक माध्यमों से अभी भी संपर्क कर रही है। ठाकरे ने कहा, वे हर बार अस्पष्ट और अलग-अलग प्रस्ताव दे रहे हैं। लेकिन हमने कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ जाने का निर्णय लिया है।

    इसके थोड़ी ही देर बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव के बयान की एक तरह से पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें सरकार गठन के लिए भाजपा संग गठबंधन को फिर से जिंदा करने पर शिवसेना को समझाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए लगा रखा है। राणे ने कहा, हम 145 सदस्यों के एक सामान्य बहुमत की कोशिश में लगे हुए हैं, हमारा यही लक्ष्य है और हम राज्यपाल को उसे सौंपेंगे। मुझे नहीं लगता कि शिवसेना राकांपा-कांग्रेस के साथ जाएगी। वे शिवसेना को मोहरा बना रहे हैं।

    ठाकरे ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के उस बयान का जिक्र करते हुए भाजपा पर हमला बोला, जिसमें उन्होंने कहा कि शिवसेना ने औपचारिक रूप से पहली बार सोमवार को उनसे संपर्क किया। उद्धव ने कहा, वे हमारे ऊपर भाजपा को छोड़कर हर किसी से पहले से ही बात करने आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है। हमारे पास बातचीत का समय था, लेकिन मैं इस दिशा में नहीं जाना चाहता था, जिस दिशा में चर्चा हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने किस तरह उन्हें दो दिन का समय नहीं दिया, लेकिन अब उन्होंने दूसरे दलों को समर्थन पत्र के लिए छह महीने का समय दे दिया।

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