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  • अमेजन और अलीबाबा को धूल चटाएगा भारतक्राफ्ट, MSME कंपनियों को होगा फायदा

    अमेजन और अलीबाबा को धूल चटाएगा भारतक्राफ्ट, MSME कंपनियों को होगा फायदा

     

    सरकार की योजना 'अलीबाबा' और 'अमेजन' की तर्ज पर 'भारतक्राफ्ट' पोर्टल पेश करने की है। यह एक ई-कॉमर्स मार्केटिंग मंच है। इस मंच से दो-तीन साल में करीब 10 लाख करोड़ रुपये का राजस्व आने की उम्मीद है। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। गडकरी ने कहा कि भारतक्राफ्ट पोर्टल एमएसएमई कंपनियों को बाजार उपलब्ध कराएगा और अपने उत्पादों को बेचने में मदद करेगा। 

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 'इमर्ज' मंच पर 200वीं एमएसएमई कंपनी 'वंडर फाइबरोमेट्स' के सूचीबद्ध होने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'हम एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देना चाहते हैं। यह क्षेत्र वर्तमान में विनिर्माण में करीब 29 प्रतिशत और निर्यात में 40 प्रतिशत का योगदान करता है।' गडकरी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में अगले पांच साल में 5 करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित करने की क्षमता है। सरकार ने अगले पांच साल में विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के योगदान को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।  

    गडकरी ने कहा कि एमएसएमई के लिए भुगतान हमेशा से एक समस्या रही है क्योंकि सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों छोटी एवं मझोली कंपनियों का बकाया चुकाने में देरी करती हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पहलू का अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित की गई है और हमें उम्मीद है कि अगले कुछ दिन में उसकी रिपोर्ट आ जाएगी। सरकार एमएसएमई क्षेत्र के भुगतान में तेजी लाने के लिए कानून ढांचा बनाने पर विचार कर रही है। बिलों के भुगतान में देरी होने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा। गडकरी ने कहा कि सरकार एमएसएमई को निर्यात की दिशा में अधिक योगदान करने, आर्थिक वृद्धि में योगदान बढ़ाने और रोजगार की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। एमएसएमई क्षेत्र को मुख्यधारा में आने और पूंजी जुटाने के लिए एनएसई मंच का लाभ उठाने की जरूरत है।

    इस अवसर पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रम लिमये ने कहा कि एनएसई छोटे और मझोले उद्यमों को मजबूत करने और समर्थन देने में हमेशा से सबसे आगे रहा है। हमारा मानना है कि एसएमई न केवल आर्थिक वृद्धि के लिए बल्कि रोजगार और समावेशी वृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। 

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  • इकोनॉमी की सुस्ती का असर, बिस्किट कंपनी Parle g कर सकती है 10 हजार कर्मचारियों की छंटनी

    इकोनॉमी की सुस्ती का असर, बिस्किट कंपनी Parle g कर सकती है 10 हजार कर्मचारियों की छंटनी

     

    भारतीय इकोनॉमी की सुस्‍ती का असर देश की सबसे बड़ी बिस्‍किट निर्माता कंपनी Parle g पर देखने को मिल रही है। इस वजह से आने वाले दिनों में Parle के 10 हजार कर्मचारियों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक Parle कंपनी अपने प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल में सुस्ती की वजह से 10 हजार लोगों की छंटनी कर सकती है। कंपनी के कैटिगरी हेड मयंक शाह के मुताबिक यह सुस्‍ती GST की वजह से आई है।

    मयंक शाह ने कहा, हम लगातार सरकार से बिस्किट पर जीएसटी घटाने की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी या कोई विकल्‍प नहीं बताया तो हमें मजबूरन 8 से 10 हजार लोगों की छंटनी करनी पड़ सकती है। मयंक शाह ने बताया कि हमने सरकार से 100 रुपये प्रति किलो या उससे कम कीमत वाले बिस्किट पर GST घटाने की मांग की है।

    दरअसल, GST लागू होने से पहले 100 रुपये प्रति किलो से कम कीमत वाले बिस्किट पर 12 फीसदी टैक्स लगाया जाता था। लेकिन सरकार ने दो साल पहले जब GST लागू किया तो सभी बिस्किटों को 18 फीसदी स्लैब में डाल दिया। इसका असर ये हुआ कि बिस्किट कंपनियों को इनके दाम बढ़ाने पड़े और इस वजह से बिक्री में गिरावट आ गई है। मयंक शाह के मुताबिक पारले ने बिस्किट पर 5 फीसदी दाम बढ़ाया है। इस वजह से बिक्री में बड़ी गिरावट आई है। बता दें कि 90 साल पुरानी बिस्किट कंपनी पारले के 10 प्लांट अपने और 125 कॉन्ट्रैक्ट वाले हैं। इनसे 1 लाख कर्मचारी जुड़े हुए हैं। कंपनी का सालाना रेवेन्यू करीब 9,940 करोड़ रुपये का है।

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  • मारुति सुजुकी ने की कंपनी में छंटनी, 3000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

    मारुति सुजुकी ने की कंपनी में छंटनी, 3000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

     

    देश के ऑटो सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने 3,000 से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। मारुति सुजुकी इंडिया कंपनी के अधिकारी ने यह जानकारी दी है। मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा ऑटो इंडस्ट्री में नरमी को देखते हुए अस्थायी कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू नहीं किया गया है।

    हालांकि मारुति सुजुकी में काम कर रहे स्थायी कर्मचारियों पर इसका असर नहीं होगा। बताया गया है कि यह बिजनेस का हिस्सा है, जब मांग बढ़ती है तो कॉन्ट्रैक्ट पर ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती की जाती है. वहीं, जब मांग घटती है तो उनकी संख्या कम की जाती है। उन्होंने कहा कि मारुति सुजुकी से जुड़े करीब 3,000 अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी चली गई है।

    आपको बता दें ऑटो सेक्टर में 19 साल में यह सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले इसी तरह की गिरावट 2008-09 और 2013-14 के आसपास के समय में देखी गई थी। सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के मुताबिक देश में सभी तरह के व्हीकल्स की सेल में भारी कमी आई है। पिछले साल जुलाई की तुलना में इस साल जुलाई में कारों की बिक्री 35.95 फीसदी गिरी है। वहीं कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री 37.48 फीसदी घटी है। सभी तरह के यात्री वाहनों की बिक्री 30.98 फीसदी घटी है जबकि दोपहिया वाहनों की बिक्री 16.82% घटी है। सियाम के अनुसार अब तक करीब साढ़े तीन लाख अस्थायी और कैजुअल नौकरियां जा चुकी हैं और दस लाख लोगों की नौकरी खतरे में है।

     

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  • मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में हुआ 31595 करोड़ रुपए का इजाफा, अमीरों की सूची में 15वें स्थान पर

    मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में हुआ 31595 करोड़ रुपए का इजाफा, अमीरों की सूची में 15वें स्थान पर

     

    एशिया के सबसे बड़े अमीर मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में मंगलवार को 4.45 अरब डॉलर यानी 31595 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। दुनिया के 500 अमीरों की नेटवर्थ हर रोज अपडेट करने वाले ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक अंबानी की नेटवर्थ 49.9 अरब डॉलर यानी 3.54 लाख करोड़ रुपए हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी की वजह से कंपनी के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी को फायदा हुआ।

    रिलायंस का शेयर मंगलवार को बीएसई पर 10% बढ़त के साथ 1,275 रुपए पर बंद हुआ था। रिलायंस की एजीएम में सोमवार को मुकेश अंबानी ने कंपनी से जुड़े कई बड़े ऐलान किए थे। इसलिए, मंगलवार को शेयर चढ़ा। मुकेश अंबानी ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में सोमवार तक 18वें नंबर पर थे। अब 15वें स्थान पर आ गए हैं। टॉप-50 में अंबानी के अलावा भारत से सिर्फ अजीम प्रेमजी हैं। टॉप-100 में सिर्फ 4 भारतीय हैं।

    अमेजन के फाउंडर और सीईओ जेफ बेजोस की नेटवर्थ 114 अरब डॉलर यानी 8.09 लाख करोड़ रुपए है। बिलेनियर इंडेक्स में उनका पहला नंबर है। दूसरा नंबर पर माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स हैं। उनकी नेटवर्थ 106 अरब डॉलर यानी 7.52 लाख करोड़ रुपए है।

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  • आदित्य पुरी सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले बैंक एग्जिक्युटिव, दूसरे स्थान पर है इनका नाम

    आदित्य पुरी सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले बैंक एग्जिक्युटिव, दूसरे स्थान पर है इनका नाम

     

    HDFC बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य पुरी फाइनैंशल इयर 2019 में 89 लाख रुपये की मासिक बेसिक सैलरी के साथ देश में सबसे अधिक भुगतान पाने वाले बैंक एग्जिक्युटिव की पोजिशन पर जमे हुए हैं। पुरी 25 वर्ष पहले बैंक की शुरुआत से इसकी अगुवाई कर रहे हैं।

    जनवरी में एक्सिस बैंक के CEO के तौर पर कमान संभालने वाले अमिताभ चौधरी 30 लाख रुपये की मंथली बेसिक सैलरी के साथ दूसरे स्थान पर हैं। देश में प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में एसेट्स के लिहाज से एक्सिस बैंक तीसरे स्थान पर है। कोटक महिंद्रा बैंक के उदय कोटक 27 लाख रुपये की मंथली बेसिक सैलरी के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

    बैंकों की प्रॉफिटेबिलिटी और बैड लोन पर फोकस के बीच CEO की सैलरी एक बड़ा मुद्दा बनी थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को बैंकों के CEO के बोनस के लिए स्वीकृति रोकनी पड़ी थी। RBI के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल का बैंकों के चीफ एग्जिक्युटिव की सैलरी और पर्क्स को लेकर सख्त रवैया था।

    ग्लोबल एग्जिक्युटिव सर्च फर्म EMA पार्टनर्स के रीजनल मैनेजिंग पार्टनर के सुदर्शन ने बताया कि CEO लेवल पर सैलरी शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू बनाने और बैंक के प्रदर्शन के महत्वपूर्ण मापदंडों में सुधार करने पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, बेसिक सैलरी के अलावा बोनस और स्टॉक ऑप्शंस भी CEO के सैलरी पैकेज का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।'

     

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  • RIL का बड़ा एलान, जियो गीगा फाइबर सेवा 5 सितंबर को लॉंच साथ ही फर्स्ट डे फर्स्ट शो की सर्विस

    RIL का बड़ा एलान, जियो गीगा फाइबर सेवा 5 सितंबर को लॉंच साथ ही फर्स्ट डे फर्स्ट शो की सर्विस

     

    रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सालाना जनरल मीटिंग में आज जियो गीगा फाइबर सेवा को लेकर बड़ा एलान किया गया है। देश भर में जियो गीगा फाइबर सेवा 5 सितंबर 2019 से लॉन्च होंगी। जिसमें ग्राहक अब रिलीज वाले दिन ही घर बैठे अपनी मनपसंद फिल्म देख सकेंगे. जियो ने इस सर्विस का नाम फर्स्ट डे फर्स्ट शो रखा है। इतना ही नहीं ‘जियो गीगा फाइबर’ से मल्टी-पार्टी वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल, लाइव गेमिंग और स्मार्ट होम सॉल्यूशन जैसी सुविधा भी मिलेंगी।

    जियो गीगा फाइबर सेवा में फॉर एवर प्लान चुनने वाले वाले ग्राहकों 4k टीवी और 4k सेटटॉप बॉक्स मुफ्त दिया जाएगा। इतना ही नहीं इस सर्विस में ग्राहकों को अल्ट्रा हाई-डेफिनेशन एंटरटेंमेंट की सुविधा दी जाएगी। इसके अंतर्गत यूज़र को 100 GBPS तक की तेज ब्रॉडबैंड स्पीड मिलेगी। जियो गीगा फाइबर’ सेवा के प्लान्स 700 रुपए से शुरू होकर 10 हजार रुपए तक होंगे। 5 सितंबर से जियो गीगा फाइबर सेवा की कीमतों का पूरा ब्योरा jio.com पर मिलेगा, साथ ही जियो फाइबर फिक्स्ड लाइन से देशभर में कहीं भी फोन कॉल करना आजीवन मुफ्त होगा।

    मुकेश अंबानी ने कहा है कि देश में डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए रिलायंस ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ दीर्घकालिक गठबंधन किया है। इसके तहत देशभर में नए क्लाउड डाटा केंद्र खोले जाएंगे। जियो गीगा फाइबर सेवा में ग्राहकों को मल्टी-पार्टी वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल, घर बैठे फ्री वॉइस कनेक्टिविटी, कम दाम में इंटरनेशनल कॉलिंग, अल्ट्रा हाई-डेफिनेशन एंटरटेंमेंट, फर्स्ट डे फर्स्ट शो मूवी, लाइव गेमिंग, स्मार्ट होम सॉल्यूशन, मूवीज़, शो एंड स्पोर्टस, 100 MBPS से 1 GBPS स्पीड तक की सुविधा मिलेगी।

     

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  • PNB ने खातों में न्यूनतम राशि न होने पर 1 साल में ग्राहको से वसूले 278.66 करोड़ रुपये, RTI से खुलासा

    PNB ने खातों में न्यूनतम राशि न होने पर 1 साल में ग्राहको से वसूले 278.66 करोड़ रुपये, RTI से खुलासा

     

    बैंक खातों में न्यूनतम राशि जमा न होना भी बैंकों की आय और मुनाफे का एक जरिया बन गया है। पंजाब नेशनल बैंक ने खातों में न्यूनतम राशि न होने पर जुर्माने के तौर पर वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 278.66 करोड़ रुपये वसूले हैं। यह राशि देशभर के लगभग एक करोड़ 27 लाख ग्राहकों से वसूली गई है। यह खुलासा आरटीआई के जरिए प्राप्त जानकारी से हुआ है।

    मध्य प्रदेश के नीमच जिले के एक आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने पंजाब नेशनल बैंक से एक आरटीआई आवेदन के जरिए यह जानकारी मांगी थी कि बीते दो वित्त वर्षो में बचत और चालू खातों में न्यूनतम राशि न होने पर कितने खातेदारों से कितनी राशि वसूली गई है। IANS के पास मौजूद पीएनबी की ओर से उपलब्ध कराए गए ब्यौरे के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में पंजाब नेशनल बैंक ने बैंक खातों में न्यूनतम राशि न होने पर जुर्माने के तौर पर खाताधारकों से 278.66 करोड़ रुपये वसूले। यह राशि विगत वित्त वर्ष की तुलना में वसूली गई राशि से 32 फीसदी अधिक है।

    जानकारी के अनुसार, पीएनबी ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 1,22,53,756 बचत खातों से कुल 226.36 करोड़ रुपये और 5,37,692 चालू खातों से कुल 52.30 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले हैं। यह राशि इन खातों में न्यूनतम राशि न होने के कारण वसूली गई। इस तरह पीएनबी ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान दोनों प्रकार के करीब 1.27 करोड़ खाता धारकों से कुल 278.66 करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले हैं।

    वहीं, पंजाब नेशनल बैंक ने वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान 1,22,98,748 बचत खातों से कुल 151.66 करोड़ रुपये एवं 5,94,048 चालू खातों से कुल 59.08 करोड़ रुपये खातों में न्यूनतम राशि न होने पर खाताधारकों से जुर्माने के रूप में वसूले हैं। इस तरह वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान बैंक ने दोनों प्रकार के लगभग 1.28 करोड़ खाताधारकों से कुल 210.74 करोड़ रुपये की राशि खातों में न्यूनतम शेष नहीं बनाएं रखने पर जुर्माने के तौर पर वसूले।

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  • रिजर्व बैंक ने रेपो दर में की कटौती, लगातार चौथी बार घटाई दर

    रिजर्व बैंक ने रेपो दर में की कटौती, लगातार चौथी बार घटाई दर

     

    रिजर्व बैंक ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बुधवार को प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.35 प्रतिशत की कटौती कर दी। यह लगातार चौथा मौका है, जब रेपो दर में कटौती की गई है। इस कटौती के बाद रेपो दर 5.40 प्रतिशत रह गई है। रिजर्व बैंक की ओर से रेपो दर में इस कटौती के बाद बैंकों पर कर्ज और सस्ता करने का दबाव बढ़ गया है। इसके चलते आने वाले दिनों में आवास, वाहन और व्यक्तिगत कर्ज पर ब्याज दर कम हो सकती है।

    रेपो दर वह दर होती है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकाल के लिए नकदी उपलब्ध कराता है। रेपो दर में इस कटौती के बाद रिजर्व बैंक की रिवर्स रेपो दर भी कम होकर 5.15 प्रतिशत, सीमांत स्थायी सुविधा दर और बैंक दर घटकर 5.65 प्रतिशत रह गई।

    मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने मुद्रास्फीति के उसके तय लक्ष्य के दायरे में रहने पर गौर करते हुए रेपो दर में कटौती का निर्णय किया। समिति ने कहा कि जून में द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद भी घरेलू आर्थिक गतिविधियां नरम बनी हुई है, वहीं वैश्विक स्तर पर नरमी तथा दुनिया की 2 अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते व्यापार तनाव से इसके नीचे जाने का जोखिम है। समिति ने कहा कि पिछली बार की रेपो दर में कटौती का लाभ धीरे-धीरे वास्तविक अर्थव्यवस्था में पहुंच रहा है, नरम मुद्रास्फीति परिदृश्य नीतिगत कदम उठाने की गुंजाइश देता है ताकि उत्पादन में नकारात्मक अंतर की भरपाई की जा सके।

    केंद्रीय बैंक ने 2019-20 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर के अनुमान को भी 7 प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि दूसरी छमाही में इसके 3.5 से 3.7 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान है।

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  • टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल कर रही 3G सेवाएं बंद, इस शहर से की शुरुआत

    टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल कर रही 3G सेवाएं बंद, इस शहर से की शुरुआत

     

    देश की अग्रणी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने शुक्रवार को एलान किया कि वह पूरे देश में अपनी 3जी सेवाओं को बंद करने जा रही है। कंपनी ने इस प्रक्रिया को कोलकाता से शुरू भी कर दिया है। एयरटेल ने एलान किया है कि वह अगले साल मार्च 2020 तक देश में अपनी 3जी सेवाओं को बंद कर देगी। कंपनी सितंबर से 6-7 सर्किल में 3जी नेटवर्क को बंद करेगी, जिसके बाद दिसंबर से मार्च तक पूरे देश में बंद कर दिया जाएगा।

    एयरटेल के इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ गोपाल विट्टल का कहना है कि इस समय कंपनी को फोकस अधिक से अधिक प्राप्ति और औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता बढ़ाने पर है। हालांकि, कंपनी का यह भी कहना है कि सेक्टर की व्यवहार्यता के कारण लंबी अवधि में टैरिफ बढ़ाने की जरूरत है। विट्टल के मुताबिक उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि हम अप्रैल 2020 से 2जी से 4जी स्पेक्ट्रम पर शिफ्ट कर लेंगे। जिसके बाद हम केवल 2जी और 4जी सेवाएं ही देंगे। उन्होंने बताया कि हम अपने पूरे 2जी स्पेक्ट्रम को 4जी में बदल देंगे। हालांकि, स्पैक्ट्रम का छोटा सा स्लग 2जी सेवाओं के लिए जारी रखा जाएगा।

    वहीं कंपनी ने 84 लाख 4जी और 12 करोड़ डाटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को जोड़ा है। साथ ही हर महीने भारती एयरटेल के ग्राहकों की डाटा खपत 11 जीबी से ज्यादा हो गई है। कंपनी के मुताबिक नेटवर्क पर फोकस रखते हुए कंपनी अपने 900 मेगाहर्ट्ज से लेकर 2100 हर्ट्ज के समस्त 3जी नेटवर्क को 4जी नेटवर्क में बदल रहा है। जिससे कंपनी के नेटवर्क में बेहतरी के साथ अंदर की तरफ अच्छा नेटवर्क मिलेगा।

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  • वैश्विक रैंकिंग में भारतीय अर्थव्यवस्था फिसली, रैंकिंग में 5वें से 7वें स्थान पर पहुंची

    वैश्विक रैंकिंग में भारतीय अर्थव्यवस्था फिसली, रैंकिंग में 5वें से 7वें स्थान पर पहुंची

     

    सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की वैश्विक रैंकिंग में भारतीय अर्थव्यवस्था फिसलकर सातवें नंबर पर आ गई है। वित्त वर्ष 2018 के लिए विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी के मामले में भारत सातवें नंबर पर, जबकि ब्रिटेन पांचवें और फ्रांस और छठे स्थान पर पहुंच गया हैं। साल 2017 में भारत फ्रांस को पछाड़कर आगे पहुंचा था, लेकिन इस बार फिसल गया है।

    जीडीपी के मामले में अमेरिकी अर्थव्यवस्था टॉप पर बनी हुई है। कारोबारी साल 2018 में यूएस की जीडीपी 20.5 ट्रिलियन डॉलर रही। अमेरिका के बाद दूसरे पायदान पर चीन है। इस दौरान चीन की जीडीपी 13.6 ट्रिलियन डॉलर रही। 5 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ जापान तीसरे पायदान पर है। ब्रिटेन और फ्रांस 2.8 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ इस लिस्ट में पांचवें और छठे पायदान पर हैं, जबकि भारत की जीडीपी 2.7 ट्रिलियन डॉलर दर्ज की गई।

    वित्त वर्ष 2017 में भारतीय अर्थव्यवस्था की जीडीपी 2.65 ट्रिलियन डॉलर थी, जिसने एशिया की तीसरी सबसे बड़ी उभरती इकॉनमी को विश्व की पांचवी सबसे बड़ी इकॉनमी बना दिया था। उस दौरान यूके की जीडीपी 2.64 ट्रिलियन डॉलर और फ्रांस की 2.5 ट्रिलियन डॉलर थी।

     

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  • लोगों को मिली राहत, बिना सब्सिडी गैस सिलेंडर 62.50 रुपये सस्ता

    लोगों को मिली राहत, बिना सब्सिडी गैस सिलेंडर 62.50 रुपये सस्ता

     

    बिना सब्सिडी वाली रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में बुधवार को 62.50 रुपये की कटौती की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें नरम होने से दाम कम किए गए हैं। इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन (IOC) ने कहा कि बिना सब्सिडी या बाजार कीमत वाले एलपीजी की कीमत 574.50 रुपये प्रति सिलेंडर होगी।

    नई दरें बुधवार मध्यरात्रि से लागू होंगी। ग्राहकों को बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का उपयोग सब्सिडी वाले 12 सिलेंडर का कोटा खत्म होने के बाद करना होता है। कंपनी के अनुसार इससे पहले जुलाई की शुरुआत में बिना सब्सिडी वाले एलपीजी की कीमत में 100.50 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की गई थी।

    कुल मिलाकर जुलाई में बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 163 रुपये कम हुई है। बिना सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर का दाम घटने का असर सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर लेते समय किए जाने वाले भुगतान पर भी पड़ेगा। उपभोक्ता को अगस्त में 14.2 किलो का सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर लेते समय अब 574.50 रुपये का भुगतान करना होगा। जुलाई में इसके लिये 637 रुपये चुकाने पड़ते थे।

     

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  • लापता CCD के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव बरामद, सोमवार से थे लापता

    लापता CCD के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव बरामद, सोमवार से थे लापता

     

    कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे (CCD) के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव बरामद कर लिया गया है। उनका शव मैंगलुरु के नेत्रावती नदी से बरामद हुआ है। अब सिद्धार्थ का मैंगलुरु के अस्पताल में पोस्टमार्टम होगा। उसके बाद उनका शव परिवार को सौंपा जाएगा। सिद्धार्थ सोमवार से लापता थे। पुलिस उनकी या उनके शव की तलाश कर रही थी।

    कल पुलिस ने नेत्रावती नदी के आस पास सिद्धार्थ की तलाश शुरू की थी। उनकी तलाश के लिए 200 से अधिक पुलिसकर्मी, गोताखोर और 25 नौकाओं की मदद ली गई थी। बता दे सिद्धार्थ सोमवार को अपनी इनोवा कार से बिजनेस ट्रिप पर चिक्कमगलुरु गए थे। वहां से उन्हें केरल जाना था, लेकिन उन्होंने ड्राइवर से मंगलुरु के पास जेपीना मोगारू में नेशनल हाईवे पर अपनी कार रोकने के लिए कहा और नीचे उतर गए। ड्राइवर ने बताया कि जिस वक्त सिद्धार्थ कार से उतरे उस वक्त वह फोन पर किसी से बात कर रहे थे। इसके बाद ड्राइवर ने सिद्धार्थ का इंतजार किया, लेकिन जब वह आधे घंटे बाद भी नहीं लौटे। जब सिद्धार्थ आधे घंटे बाद भी वापस नहीं आए तो ड्राइवर ने उनको फोन किया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ हो गया। ड्राइवर ने सिद्धार्थ के परिवार को तुरंत इस घटना की जानकारी दी।

    बता दें कि इस घटना के बाद कल सिद्धार्थ का एक पत्र सामने आया था, जो उन्होंने अपनी कंपनी के निदेशक मंडल को लिखा था। पत्र में उन्होंने कहा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद मैं मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयार करने में नाकाम रहा। मैंने लंबे समय तक संघर्ष किया, लेकिन अब और दबाव नहीं झेल सकता। एक प्राइवेट इक्विटी पार्टनर 6 महीने पुराने ट्रांजेक्शन से जुड़े मामले में शेयर बायबैक करने का दबाव बना रहा है। मैंने दोस्त से बड़ी रकम उधार लेकर ट्रांजेक्शन का एक हिस्सा पूरा किया था। दूसरे कर्जदाताओं द्वारा भारी दबाव की वजह से मैं टूट चुका हूं।

    पत्र में सिद्दार्थ ने बताया था कि आयकर के पूर्व डीजी ने माइंडट्री की डील रोकने के लिए दो बार हमारे शेयर अटैच किए थे। बाद में कॉफी डे के शेयर भी अटैच कर दिए थे। यह गलत था जिसकी वजह से हमारे सामने नकदी का संकट आ गया। उन्होंने कहा था कि सभी गलतियों और सभी वित्तीय लेन-देनों के लिए मैं जिम्मेदार हूं। मेरी टीम, ऑडिटर्स और सीनियर मैनेजमेंट को मेरे ट्रांजेक्शंस के बारे में जानकारी नहीं है। कानून को सिर्फ मुझे जिम्मेदार ठहराना चाहिए। मैंने परिवार या किसी अन्य को इस बारे में नहीं बताया।

    पत्र में उन्होंने आगे कहा था कि मेरा इरादा किसी को गुमराह या धोखा देने का नहीं था. एक कारोबारी के तौर पर मैं विफल रहा। उम्मीद है कि एक दिन आप समझेंगे। मुझे माफ कर दीजिए। हमारी संपत्तियां हमारी देनदारियों से ज्यादा हैं। इनसे सभी का बकाया चुका सकते हैं। सिद्धार्थ के पत्र से साफ है कि वह कारोबारी नुकसान से काफी परेशान थे।

     

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  • CCD के संस्थापक और मालिक वीजी सिद्धार्थ संदिग्ध परिस्थितियों में गायब, फोन भी स्विच Off

    CCD के संस्थापक और मालिक वीजी सिद्धार्थ संदिग्ध परिस्थितियों में गायब, फोन भी स्विच Off

     

    एशिया की सबसे बड़ी कॉफी एस्टेट कंपनी कैफे कॉफी डे (CCD) के संस्थापक और मालिक वीजी सिद्धार्थ को लेकर बड़ी खबर है। सिद्धार्थ बेंगलुरु के मंगलौर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए हैं। परिवार के मुताबिक, वह सोमवार शाम को घर से निकले थे, तब से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है।

    बता दें कि सिद्धार्थ कर्नाटक के पूर्व सीएम एसएम कृष्णा के दामाद हैं। लापता सिद्धार्थ की तलाश के लिए दक्षिण कन्नड़ पुलिस लग गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार शाम को सिद्धार्थ अपनी कार लेकर घर से निकले थे। मंगलौर के पास नेत्रारावती नदी पर बने पुल पर उन्होंने कार रुकवाई और कार से उतर कर कही चले गए। ये जगह बंगलुरु से करीब 375 किलोमीटर दूर है। जब एक घंटे बाद भी वह नहीं लौटे तो ड्राइवर को फिक्र होने लगी। उसने आसपास अपने मालिक को ढूंढा, लेकिन वह कही नहीं मिले। जिसके बाद ड्राइवर ने परिवार को फोन किया। बाद में परिवार ने पुलिस को खबर की।

    कॉफी किंग के नाम से मशहूर वीजी सिद्धार्थ के ड्राइवर के मुताबिक, कार में वह फोन पर काफी देर से किसी से बात कर रहे थे। पुल पर उन्होंने कार रुकवाई और उतर गए। पुलिस सिद्धार्थ का फोन रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि पता चल सके कि लापता होने के ठीक पहले वह किससे बात कर रहे थे।

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  • रिलायंस जियो बनी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी, वोडाफोन-आइडिया को पीछे छोड़ा

    रिलायंस जियो बनी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी, वोडाफोन-आइडिया को पीछे छोड़ा

     

    टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने लॉन्च की तीसरी सालगिरह मनाने से पहले ही बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। रिलायंस जियो वोडाफोन-आइडिया को पछाड़कर यूजर्स के मामले में देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जियो ने देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनने का मुकाम वोडाफोन-आइडिया के यूजर्स में आई गिरावट से हासिल किया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक वोडाफोन-आइडिया का यूजर्स बेस घटकर 32 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि जियो के 33 करोड़ 10 लाख यूजर्स हैं। इससे पहले मई 2018 में रिलायंस जियो एयरटेल को पछाड़ते हुए देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनी थी। जब जियो ने एयरटेल को पछाड़ा था उस वक्त एयरटेल 32 करोड़ यूजर्स के साथ देश की दूसरी बड़ी कंपनी थी।

    अप्रैल से जून के बीच वोडाफोन-आइडिया के यूजर्स की संख्या में बड़ी गिरावट हुई है। मार्च में वोडाफोन-आइडिया के 34 करोड़ यूजर्स थे जो जून के अंत में घटकर 32 करोड़ रह गए। वोडाफोन ने इस बात पर बयान जारी कर कहा, 2019 में हमारे यूजर्स की संख्या में कटौती देखने को मिली है। इस क्वाटर की शुरुआत से पहले हमारे 33 करोड़ 40 लाख सब्सक्राइबर्स थे जो अब घटकर 32 करोड़ रह गए हैं। वैलिडिटी वॉउचर्स की वजह से इस संख्या में कमी देखने को मिल रही है।

    30 अगस्त 2018 को आइडिया-वोडाफोन के विलय की प्रक्रिया पूरी हुई थी। जब इन दोनों कंपनियों का विलय हुआ उस वक्त दोनों कंपनियों के पास 40 करोड़ यूजर्स थे और वोडाफोन-आइडिया, एयरटेल को पछाड़ते हुए देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई थी। लेकिन दोनों कंपनियों का विलय काम करता हुआ नहीं दिख रहा है, क्योंकि एक साल में ही दोनों कंपनियों को 8 करोड़ यूजर्स का नुकसान झेलना पड़ा है।

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  • GST काउंसिल की हुई 36वीं बैठक, ई-व्हीकल पर GST 12 प्रतिशत से किया 5 प्रतिशत

    GST काउंसिल की हुई 36वीं बैठक, ई-व्हीकल पर GST 12 प्रतिशत से किया 5 प्रतिशत

     

    GST काउंसिल की 36वीं बैठक में ई-व्हीकल पर लगने वाला जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का फैसला किया गया है। इस फैसले बाद आप यदि ई कार खरीदते हैं तो 10 लाख रुपये की कार पर आपको करीब 70 हजार रुपये का फायदा होगा। दरअसल केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल के बढ़ते रेट और प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्रमोट कर रही है। इसी के मद्देनजर टैक्स कम करने का फैसला किया गया। यह फैसला 1 अगस्त से लागू होगा।

    जीएसटी काउंसिल की शनिवार को हुई 36वीं मीटिंग के बाद बयान जारी कर कहा गया कि इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जर पर भी जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। बैठक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई। इससे पहले 21 जून को हुई जीएसटी काउंसिल की 35वीं बैठक में ई-व्हीकल पर जीएसटी कटौती का मुद्दा फिटमेंट कमेटी को भेजा गया था। इस कमेटी की तरफ से टैक्स घटाने के मुद्दे पर सहमति दी थी।

    इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार पार्किंग फ्री और टोल टैक्स नहीं लेने की रुपरेखा पर काम कर रही है। 5 जुलाई को पेश हुए आम बजट में वित्त मंत्री ने ई-व्हीकल लेने पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट देने का ऐलान किया था। इससे पहले 21 जून को हुई जीएसटी काउंसिल की 35वीं बैठक में ई-व्हीकल पर जीएसटी कटौती का मुद्दा रेट फिटमेंट कमेटी को भेजा गया था। इस कमेटी की तरफ से टैक्स घटाने के मुद्दे पर सहमति दी जा चुकी है। राज्यों से भी कहा गया है कि ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त पार्किंग के अलावा मॉल, शॉपिंग कॉपलेक्स, दफ्तर, रिहायशी कॉलोनियों में 10 प्रतिशत पार्किंग आरक्षित रखनी होगी। इन वाहनों के लिए टोल टैक्स भी पूरी तरह मुफ्त रखा जाएगा।

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